देश में पेट्रोल-डीजल और LPG की कोई कमी नहीं, सरकार ने कहा- घबराने की जरूरत नहीं; 3 दिन में 1.14 करोड़ सिलेंडर डिलीवर
नई दिल्ली: देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा बयान जारी करते हुए साफ किया है कि किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सरकार ने कहा है कि देश के पास ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम लोगों को घबराने या अतिरिक्त खरीदारी करने की जरूरत नहीं है।
सरकार का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से पेट्रोल, डीजल और गैस का सोच-समझकर इस्तेमाल करने की बात कही थी। प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा भंडार बचाने और वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए यह अपील की थी।
पूरी क्षमता से चल रही हैं रिफाइनरियां
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को जानकारी देते हुए कहा कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल खत्म होने की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।
उन्होंने कहा कि एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप भी सामान्य रूप से काम कर रही हैं और घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार ने भरोसा दिलाया कि आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सुचारू है।
तीन दिनों में 1.14 करोड़ LPG सिलेंडर की डिलीवरी
सरकार के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में कुल 1.26 करोड़ एलपीजी बुकिंग दर्ज की गईं, जिनमें से 1.14 करोड़ सिलेंडरों की डिलीवरी कर दी गई है। इसके अलावा 17 हजार टन से अधिक कमर्शियल एलपीजी की बिक्री हुई है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान 762 टन से अधिक ऑटो एलपीजी की भी बिक्री दर्ज की गई। वहीं 5 किलो वाले छोटे एफटीएल सिलेंडरों की 1.40 लाख से ज्यादा यूनिट्स बेची गईं।
देशभर में लगाए गए विशेष कैंप
सुजाता शर्मा ने बताया कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की ओर से देशभर में करीब 93 विशेष कैंप लगाए गए, जहां 2100 से अधिक सिलेंडरों की बिक्री की गई। सरकार का कहना है कि जरूरत के मुताबिक आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
पीएम मोदी ने की थी संयम बरतने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में देशवासियों से अपील की थी कि वे पेट्रोल, डीजल और गैस का सोच-समझकर इस्तेमाल करें। उन्होंने एक साल तक अनावश्यक विदेश यात्राओं और सोने की खरीद से बचने की भी सलाह दी थी।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि वैश्विक हालात और मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव को देखते हुए देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखना जरूरी है।