लखनऊ: ग्रेटर नोएडा में मामूली पैसों के विवाद ने खूनी रूप ले लिया था। अब इस सनसनीखेज हत्या मामले में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा दी है। अदालत ने दोषी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
यह पूरा मामला महज 300 रुपये को लेकर हुए विवाद से जुड़ा था, जिसमें एक पेंटर की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई थी।
फैक्ट्रियों में करता था रंगाई-पुताई का काम
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चवनपाल भाटी के मुताबिक, बदायूं जिले का रहने वाला रामौतार ग्रेटर नोएडा के डेरीन गांव में किराए के मकान में परिवार के साथ रहता था। वह फैक्ट्रियों में पेंटिंग और रंगाई-पुताई का काम करता था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, हबीबपुर गांव निवासी विजय हरिकिशन भी उसके साथ काम करता था और दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते थे।
300 रुपये मांगने पहुंचा, फिर हुआ खूनी विवाद
घटना 7 मार्च 2023 की बताई गई है। आरोप है कि उस शाम विजय हरिकिशन शराब के नशे में रामौतार के कमरे पर पहुंचा और अपने काम के 300 रुपये मांगने लगा। रामौतार ने उससे कहा कि वह सुबह पैसे दे देगा।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपी ने गुस्से में चाकू निकाल लिया और रामौतार के पेट में वार कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
दो दिन तक जिंदगी की जंग लड़ता रहा रामौतार
हमले में गंभीर रूप से घायल रामौतार को पहले बिसरख के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। हालत बिगड़ने पर उसे नोएडा रेफर किया गया और बाद में दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल भेजा गया।
इलाज के दौरान 9 मार्च 2023 को रामौतार ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया था।
साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला
मृतक के भाई ज्ञान सिंह ने ईकोटेक-3 थाने में आरोपी विजय हरिकिशन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने गवाहों और तमाम साक्ष्यों को पेश किया। सबूतों के आधार पर अदालत ने विजय हरिकिशन को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट के फैसले के बाद मृतक के परिजनों ने संतोष जताया है।