अब चार हफ्ते पहले मिलेगी मौसम की सटीक जानकारी, मौसम विभाग ने शुरू की AI आधारित दो नई सेवाएं

0 28

नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग ने मौसम पूर्वानुमान को और अधिक सटीक और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दो नई एआई आधारित सेवाएं शुरू की हैं। इन नई प्रणालियों के जरिए किसानों, प्रशासन और आम लोगों को पहले से ज्यादा सटीक और स्थानीय स्तर की मौसम जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। खास बात यह है कि मानसून और बारिश से जुड़ी जानकारी अब कई सप्ताह पहले तक मिल सकेगी।

किसानों को चार सप्ताह पहले मिलेगी मानसून की जानकारी
नई सेवाओं में पहली एआई-सक्षम मानसून अग्रिम पूर्वानुमान प्रणाली है। इसके जरिए 16 राज्यों और तीन हजार से अधिक उप-जिलों के किसानों को मौसमी बारिश की प्रगति और स्थानीय मौसम से जुड़ी जानकारी चार सप्ताह पहले तक उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़े फैसले लेने में मदद देना है ताकि मौसम के अनुसार फसल प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।

उत्तर प्रदेश के लिए शुरू हुई हाई-रिजॉल्यूशन बारिश पूर्वानुमान सेवा
दूसरी सेवा फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू की गई है, जो उत्तर प्रदेश के लिए हाई-रिजॉल्यूशन स्थानीय बारिश पूर्वानुमान तैयार करेगी। इस प्रणाली की मदद से 1 किलोमीटर रिजॉल्यूशन पर 10 दिन पहले तक बारिश का अनुमान लगाया जा सकेगा। मौसम विभाग का कहना है कि यह सेवा भविष्य में दूसरे राज्यों तक भी विस्तारित की जाएगी।

एआई और आधुनिक उपकरणों की मदद से होगा पूर्वानुमान
यह नई प्रणाली एआई आधारित एडवांस डाउनस्केलिंग तकनीक पर काम करती है। इसमें ऑटोमेटिक बारिश मापक यंत्र, ऑटोमेटिक मौसम केंद्र, डॉप्लर मौसम रडार और सैटेलाइट आधारित बारिश डेटा जैसी कई आधुनिक प्रणालियों से जानकारी जुटाई जाती है। इन आंकड़ों का विश्लेषण कर स्थानीय स्तर पर सटीक मौसम पूर्वानुमान तैयार किया जाता है।

मोबाइल, व्हाट्सएप और टीवी के जरिए पहुंचेगी जानकारी
मौसम विभाग इन सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए कई डिजिटल और पारंपरिक माध्यमों का इस्तेमाल करेगा। मौसम अपडेट मोबाइल एप्लिकेशन, एसएमएस अलर्ट, व्हाट्सएप, किसान पोर्टल, डिजिटल प्लेटफॉर्म और टेलीविजन के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा सब्जी मंडियों और बाजारों में लगाए गए डिस्प्ले बोर्ड पर भी स्थानीय मौसम संबंधी जानकारी दिखाई जाएगी।

केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया बड़ा बदलाव
केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ये नई सेवाएं पारंपरिक मौसम पूर्वानुमान से आगे बढ़कर प्रभाव आधारित और निर्णय सहयोगी प्रणाली की दिशा में बड़ा बदलाव हैं। उन्होंने कहा कि इससे किसानों, आपदा प्रबंधन एजेंसियों, प्रशासन और आम नागरिकों को स्थान विशेष के अनुसार अधिक सटीक और उपयोगी जानकारी मिल सकेगी।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.