फिटनेस और रियल एस्टेट की दुनिया में बड़ा नाम थे प्रतीक यादव, राजनीति से दूर रहकर बनाई अपनी अलग पहचान
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे तथा पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई प्रतीिक यादव ने राजनीति से दूरी बनाकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद उन्होंने कारोबार और फिटनेस इंडस्ट्री में खुद को स्थापित किया और अपने दम पर सफलता हासिल की।
प्रतीक यादव को फिटनेस का गहरा जुनून था। उन्होंने लखनऊ में फिटनेस को नई और लग्जरी पहचान देने का काम किया। गोमती नगर स्थित मिठाईवाला चौराहे के पास उनका चर्चित जिम ‘आयरन कोर फिट’ युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय था। वह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए भी इस जिम को प्रमोट करते थे।
बताया जाता है कि इस जिम में इटली के मशहूर ब्रांड पेनाट्टा और अमेरिकी कंपनी लाइफ फिटनेस के अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए थे। करीब 10 हजार वर्गफुट में फैले इस फिटनेस सेंटर में एक समय में 150 से 200 लोग वर्कआउट कर सकते थे।
हाईटेक फिटनेस मॉडल से बनाई अलग पहचान
जानकारी के मुताबिक प्रतीक यादव का जिम उत्तर प्रदेश के शुरुआती हाईटेक फिटनेस सेंटरों में शामिल था, जहां एंड्रॉयड आधारित कार्डियोवैस्कुलर मशीनें लगाई गई थीं। ये मशीनें टचस्क्रीन, इंटरनेट कनेक्टिविटी और मनोरंजन सुविधाओं से लैस थीं, जो वर्कआउट को इंटरैक्टिव अनुभव में बदल देती थीं।
इन आधुनिक मशीनों के जरिए न सिर्फ कैलोरी बर्न और फिटनेस ट्रैकिंग होती थी, बल्कि रीयल टाइम डेटा एनालिसिस के जरिए हृदय स्वास्थ्य की निगरानी भी संभव थी। फिटनेस कारोबार के अलावा प्रतीक ‘द फिटनेस प्लेनेट’ ब्रांड से भी जुड़े थे और अन्य जिम संचालकों को कंसल्टेंसी सेवाएं भी देते थे।
ब्रिटेन से MBA कर संभाला कारोबार
प्रतीक यादव ने ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एमबीए किया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने प्रबंधन कौशल का इस्तेमाल फिटनेस और रियल एस्टेट कारोबार को आगे बढ़ाने में किया। कारोबार की दुनिया में उन्होंने अपनी अलग साख बनाई और धीरे-धीरे बड़े व्यावसायिक नेटवर्क खड़े किए।
रियल एस्टेट सेक्टर में भी मजबूत पकड़
फिटनेस इंडस्ट्री के साथ-साथ प्रतीक यादव रियल एस्टेट कारोबार में भी बड़ा नाम बन चुके थे। उनका कारोबार मुख्य रूप से शहीद पथ और सुलतानपुर रोड की कॉमर्शियल बेल्ट में फैला हुआ था। फन सिनेमा के पास उनका दफ्तर था, जहां से वह अपने प्रोजेक्ट्स की निगरानी करते थे।
उन्होंने कई इलाकों में बड़े स्तर पर लैंड बैंक तैयार किए थे, जिन्हें बाद में कॉमर्शियल शोरूम और रिटेल आउटलेट्स के लिए लीज पर दिया गया। उनकी कंपनी ‘प्रतीक एडुविज’ बड़े भूखंड खरीदकर उन्हें व्यावसायिक और आवासीय परियोजनाओं के रूप में विकसित करने का काम करती रही है।
सूत्रों के अनुसार गोमती नगर विस्तार और सरोजनीनगर क्षेत्र में उनके पास करोड़ों रुपये की व्यावसायिक जमीन थी। उनकी कई कंपनियों में उनकी दिवंगत मां साधना गुप्ता और पत्नी अपर्णा यादव की हिस्सेदारी भी बताई जाती है।
शेयर बाजार और निवेश में भी थी दिलचस्पी
जानकारी के मुताबिक प्रतीक यादव का शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में भी अच्छा निवेश था। वर्ष 2015-16 के आयकर रिटर्न के अनुसार उनकी सालाना आय करीब 1.47 करोड़ रुपये बताई गई थी। वहीं, उनकी और पत्नी अपर्णा यादव की कुल संपत्ति लगभग 23 करोड़ रुपये दर्ज की गई थी।