‘ओम शांति ओम’ के ये सीन असली नहीं थे! VFX की ऐसी ट्रिक, जिसे देखकर आज भी लोग खा जाते हैं धोखा

0 20

मुंबई: शाहरुख खान और दीपिका पादुकोण स्टारर फिल्म ‘ओम शांति ओम’ साल 2007 की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही थी। फिल्म ने न सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की, बल्कि इसकी कहानी, म्यूजिक और विजुअल्स ने भी दर्शकों का दिल जीत लिया था। करीब 40 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनियाभर में लगभग 152 करोड़ रुपये का कारोबार किया था। हालांकि, इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा राज भी है, जिसे जानकर आज भी लोग हैरान रह जाते हैं।

अधिकतर लोगों को लगता है कि फिल्म में आग, धमाके या एक्शन सीक्वेंस में VFX का इस्तेमाल हुआ होगा, लेकिन असल में फिल्म के कुछ सबसे सामान्य दिखने वाले सीन्स पूरी तरह विजुअल इफेक्ट्स की मदद से तैयार किए गए थे।

दीपिका वाले ये सीन थे पूरी तरह VFX

फिल्म के एक खास हिस्से में दीपिका पादुकोण पुराने दौर के दिग्गज कलाकारों के साथ नजर आती हैं। इन सीन्स में वह कभी किसी एक्टर को टच करती दिखाई देती हैं तो कहीं मजाकिया अंदाज में चिमटी काटती नजर आती हैं। दर्शकों को लगा था कि इन सीनों के लिए पुराने गानों में दीपिका का चेहरा जोड़कर मॉर्फिंग की गई होगी, लेकिन असल तकनीक इससे कहीं ज्यादा जटिल थी।

दरअसल, इन दृश्यों में सुनील दत्त, राजेश खन्ना और जीतेंद्र जैसे दिग्गज सितारों की पुरानी फुटेज का इस्तेमाल किया गया था। टेक्नीशियंस ने पहले उन फिल्मों और गानों की क्लिप्स तलाशीं, जिन्हें नई तकनीक के जरिए दोबारा इस्तेमाल किया जा सके।

पुरानी रील को डिजिटल में बदलना था सबसे बड़ा काम

क्योंकि पुराने दौर की फिल्में सेल्युलॉयड रील पर शूट होती थीं, इसलिए सबसे पहले उन फिजिकल रील्स को डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट करना पड़ा। इसके बाद असली फुटेज में मौजूद अभिनेत्री को हटाकर वहां दीपिका पादुकोण को जोड़ा गया।

इसके लिए मेकर्स ने बिल्कुल नया सेट तैयार किया, जहां लोकेशन से लेकर कैमरा एंगल और माहौल तक हर चीज को पुराने सीन जैसा बनाया गया। सबसे मुश्किल काम था पुराने कलाकार की बॉडी लैंग्वेज, लाइटिंग और फ्रेमिंग को नए शूट के साथ पूरी तरह मैच करना।

परफेक्शन ऐसा कि दर्शक पहचान ही नहीं पाए

इन सीन्स को तैयार करना तकनीकी तौर पर बेहद चुनौतीपूर्ण था। पुराने फुटेज के हिसाब से नया सीन तैयार करना, फिर लाइट, कॉस्ट्यूम और बैकग्राउंड को उसी अंदाज में रखना आसान नहीं था। इसके बावजूद मेकर्स ने यह काम इतनी सफाई से किया कि ज्यादातर दर्शक यह पहचान ही नहीं पाए कि ये सीन असली नहीं बल्कि VFX की मदद से बनाए गए थे।

फिल्म के इन विजुअल इफेक्ट्स को बॉलीवुड में उस दौर की सबसे बेहतरीन तकनीकी उपलब्धियों में गिना जाता है। यही वजह है कि ‘ओम शांति ओम’ आज भी अपने शानदार विजुअल प्रेजेंटेशन और क्रिएटिविटी के लिए याद की जाती है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.