कानपुर में दर्द के बीच निभा प्यार का वादा, बर्न वार्ड में हुई शादी; झुलसी दुल्हन की मांग भर बना जीवनसाथी
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से इंसानियत, भरोसे और सच्चे प्रेम की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। शादी से ठीक पहले हुए दर्दनाक हादसे में दुल्हन समेत 12 लोग झुलस गए, लेकिन मुश्किल हालात में भी दूल्हे ने साथ नहीं छोड़ा और अस्पताल के बर्न वार्ड में ही अपनी दुल्हन की मांग भरकर सात जन्मों का रिश्ता निभाने का वादा किया।
मेहंदी की खुशियां पलभर में बदलीं हादसे में
घटना घाटमपुर क्षेत्र के जगन्नाथपुर गांव की है। यहां रहने वाले जगदीश सिंह की बेटी गरिमा सिंह उर्फ श्वेता की शादी कानपुर निवासी विकास सिंह से तय थी। घर में मेहंदी समारोह चल रहा था और शादी की तैयारियों के बीच परिवार में खुशी का माहौल था।
इसी दौरान रसोई में गैस सिलेंडर की पाइप से रिसाव शुरू हो गया। देखते ही देखते आग ने पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग बुझाने की कोशिश के दौरान चूल्हे पर रखी गर्म तेल की कड़ाही पलट गई, जिससे कई लोग गंभीर रूप से झुलस गए।
इस हादसे में दुल्हन गरिमा, उसके पिता और एक फोटोग्राफर समेत कुल 12 लोग घायल हो गए।
चार एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाए गए घायल
हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को चार एंबुलेंस की मदद से पहले घाटमपुर सीएचसी पहुंचाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें कानपुर रेफर कर दिया गया।
दुल्हन और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों को जाजमऊ स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया। उधर, फायर ब्रिगेड की टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
दूल्हे ने कहा- मुश्किल वक्त में साथ छोड़ना गलत होगा
जब हादसे की जानकारी दूल्हे विकास सिंह और उसके परिवार को मिली तो वे तुरंत अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों और परिजनों ने गरिमा की हालत को देखते हुए शादी टालने की सलाह दी, लेकिन विकास ने साफ शब्दों में कहा कि रिश्ता सिर्फ खुशियों के दिनों के लिए नहीं होता।
उसने कहा कि अगर वह इस कठिन समय में पीछे हट गया तो यह गरिमा के साथ अन्याय होगा। इसके बाद उसने तय समय पर ही शादी करने का फैसला लिया।
बर्न वार्ड बना शादी का मंडप
दूल्हे के फैसले के बाद अस्पताल प्रशासन से अनुमति ली गई। नर्सिंग स्टाफ और परिवार के लोगों ने बर्न वार्ड के एक हिस्से को फूलों और मालाओं से सजाया।
शुक्रवार रात साधारण कपड़ों में पहुंचे विकास सिंह ने अस्पताल के बेड पर लेटी गरिमा की मांग में सिंदूर भरकर उसे अपनी जीवनसंगिनी बना लिया। वहां न बैंड था और न शहनाई, लेकिन उस पल की भावनाओं ने हर मौजूद शख्स को भावुक कर दिया।
दर्द से जूझ रही दुल्हन के चेहरे पर भरोसा और आंखों में खुशी साफ दिखाई दे रही थी। कुछ देर के लिए अस्पताल का बर्न वार्ड शादी के मंडप में बदल गया और यह अनोखी शादी प्रेम, विश्वास और वफादारी की मिसाल बन गई।