अमित शाह ने बस्तर में जन सुविधा केंद्र का किया शुभारंभ, बोले- अब आदिवासियों तक पहुंचेगा विकास का पूरा लाभ

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बस्तर: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर में शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा जन सुविधा केंद्र का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद अब सरकार का मुख्य लक्ष्य आदिवासी इलाकों तक विकास और जनकल्याणकारी सुविधाएं पहुंचाना है। अमित शाह ने नेतानार गांव को आदिवासी अस्मिता और जनसेवा का प्रतीक बताते हुए इसे ऐतिहासिक दिन करार दिया।

‘सुरक्षा कैंप अब सेवा कैंप बनेगा’

अमित शाह ने कहा कि शहीद वीर गुण्डाधुर की जन्मभूमि और कर्मभूमि नेतानार गांव देश के हर नागरिक के लिए तीर्थ समान है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 से सुरक्षा कैंप के रूप में काम कर रहा यह स्थान अब सेवा कैंप बनकर आदिवासियों की सेवा करेगा।

गृह मंत्री ने कहा कि जिस जगह कभी नक्सलियों ने छह पुलिसकर्मियों की निर्मम हत्या की थी, वहीं आज गरीब आदिवासियों के लिए जन सुविधा केंद्र बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे बस्तर के लिए ऐतिहासिक बदलाव बताया।

‘नक्सलवाद खत्म करने का मकसद सिर्फ कार्रवाई नहीं’

अमित शाह ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद को जड़ से खत्म करना नहीं था, बल्कि आदिवासी समाज तक शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना भी था।

उन्होंने कहा कि देश में भले ही आजादी 1947 में आ गई थी, लेकिन बस्तर में “असली आजादी का सूर्योदय” 31 मार्च 2026 के बाद हुआ है। शाह ने कहा कि दशकों तक नक्सलवाद की वजह से यहां विकास रुक गया था और अब सरकार अगले पांच वर्षों में उस नुकसान की भरपाई करेगी।

वीर गुण्डाधुर के संघर्ष को किया याद

गृह मंत्री ने आदिवासी नेता वीर गुण्डाधुर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1910 में भूमकाल विद्रोह के जरिए विदेशी शासन के खिलाफ संघर्ष का नेतृत्व किया था। अमित शाह ने कहा कि आज उसी प्रेरणा से बस्तर में विकास और जनसेवा का नया अध्याय शुरू हो रहा है।

हर गांव तक पहुंचेंगी सरकारी सुविधाएं

अमित शाह ने बताया कि “नियद नेल्लानार” योजना के तहत गांव-गांव में सस्ते राशन की दुकानें, प्राथमिक विद्यालय, पीएससी और सीएससी केंद्र खोले जा रहे हैं। अब लोगों के घरों तक पीने का पानी पहुंच रहा है और आधार कार्ड व राशन कार्ड जैसी सुविधाएं भी तेजी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि हर पात्र व्यक्ति को प्रति माह 7 किलो चावल और 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा भी दी जा रही है।

डेढ़ साल में 70 कैंप बनेंगे जनसेवा केंद्र

गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर में करीब 200 कैंप मौजूद हैं और इनमें से 70 कैंपों को अगले डेढ़ साल में जनसेवा केंद्रों में बदला जाएगा। इन केंद्रों पर बैंकिंग, आधार कार्ड, राशन कार्ड और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ भी इन सेवा केंद्रों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाएगा।

आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा देने पर जोर

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर सरकार केवल नक्सलवाद खत्म कर शांत नहीं बैठना चाहती, बल्कि आदिवासी क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों की शुरुआत इसी सोच के तहत की गई है, ताकि आदिवासी खेल, भाषा, साहित्य, संगीत और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिल सके।

 

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