नई दिल्ली: वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और विदेशी मुद्रा बचाने की कोशिशों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब सरकारी मंत्रालयों में भी दिखाई देने लगा है। कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने अगले एक साल तक सोना नहीं खरीदने का सामूहिक फैसला लिया है। हालांकि शादी-विवाह और विशेष पारिवारिक अवसरों को इस फैसले से अलग रखा गया है।
PM मोदी की अपील के समर्थन में बड़ा फैसला
सरकारी बयान के मुताबिक, यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसाधन संरक्षण, संयम और आत्मनिर्भरता के संदेश को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों ने इसे कोई सरकारी आदेश नहीं, बल्कि स्वैच्छिक सामाजिक और नैतिक संकल्प बताया है।
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री की अपील पर गंभीर प्रतिक्रिया और व्यक्तिगत अनुशासन का उदाहरण है।
बिजली और ईंधन बचाने के लिए भी कई कदम
दोनों मंत्रालयों ने केवल सोना खरीदने से दूरी बनाने का फैसला ही नहीं लिया, बल्कि ऊर्जा और सरकारी खर्च कम करने के लिए भी कई बड़े कदम उठाए हैं।
दफ्तरों में गैरजरूरी बिजली उपकरण बंद रखने, वर्चुअल मीटिंग को बढ़ावा देने और सरकारी यात्राओं को सीमित करने जैसे उपाय लागू किए जा रहे हैं। इसके अलावा 20 प्रतिशत कर्मचारियों को बारी-बारी से वर्क फ्रॉम होम देने की योजना भी बनाई गई है।
कार-पूलिंग से घटेगा ईंधन खर्च
अधिकारियों ने हफ्ते में एक दिन कार-पूलिंग करने का भी फैसला लिया है। सरकार का लक्ष्य वाहन उपयोग में लगभग एक-तिहाई तक कमी लाना है।
बताया गया है कि जहां संभव होगा वहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठकों का आयोजन किया जाएगा, ताकि ईंधन और संसाधनों की बचत हो सके।
बेटी की शादी और खास मौकों पर छूट
हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बेटी की शादी या अन्य विशेष पारिवारिक अवसरों पर सोना खरीदने की छूट रहेगी। इसे पूरी तरह व्यक्तिगत और स्वैच्छिक निर्णय बताया गया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य विदेशी मुद्रा बचाने के साथ-साथ लोगों में जिम्मेदार उपभोग की भावना को बढ़ावा देना भी है।
‘कृषि बचाओ अभियान’ भी होगा शुरू
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि कृषि मंत्रालय जल्द ही ‘कृषि बचाओ अभियान’ भी शुरू करेगा। इस अभियान के तहत वैज्ञानिक गांवों में जाकर मिट्टी परीक्षण करेंगे और किसानों को उर्वरकों के सही उपयोग की सलाह देंगे।
यह अभियान 1 जून से अगले 15 दिनों तक देशभर में चलाया जाएगा।
सरकार ने बढ़ाया था आयात शुल्क
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच केंद्र सरकार ने हाल ही में सोने और चांदी के आयात पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। साथ ही सोने के आयात पर 100 किलोग्राम की सीमा भी तय की गई है।
माना जा रहा है कि सरकार विदेशी मुद्रा पर दबाव कम करने और आयात नियंत्रण की दिशा में लगातार कदम उठा रही है।