Meta Layoffs: पहले दिया Work From Home का आदेश, फिर सुबह 4 बजे 8 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकाला

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नई दिल्ली: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी मेटा प्लेटफॉर्म्स में बड़े स्तर पर छंटनी का दौर शुरू हो गया है। कंपनी ने करीब 8 हजार कर्मचारियों को बाहर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसकी शुरुआत सिंगापुर हब से हुई, जहां कर्मचारियों को पहले अचानक घर से काम करने का निर्देश दिया गया और उसके बाद उन्हें नौकरी खत्म होने से जुड़े ईमेल मिलने लगे।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों में कर्मचारियों से कहा गया कि वे दफ्तर न आएं और वर्क फ्रॉम होम करें। इसके कुछ ही घंटों बाद कर्मचारियों के पास छंटनी से जुड़े मेल पहुंचने लगे। इस पूरी प्रक्रिया ने कर्मचारियों को हैरान कर दिया।

सुबह 4 बजे भेजे गए छंटनी के ईमेल

रिपोर्ट के अनुसार, सिंगापुर में प्रभावित कर्मचारियों को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 4 बजे ईमेल भेजे गए। भारतीय समय के मुताबिक यह समय करीब रात 1:30 बजे था। बताया गया कि अलग-अलग टाइम जोन के हिसाब से चरणबद्ध तरीके से नोटिस भेजे गए। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेज हो गई कि पहले वर्क फ्रॉम होम का निर्देश देकर कंपनी ने छंटनी की प्रक्रिया को शांत तरीके से पूरा किया।

कंपनी में पहले थे 78 हजार कर्मचारी

छंटनी से पहले मेटा में करीब 78 हजार कर्मचारी कार्यरत थे। अब हजारों कर्मचारियों को बाहर किया जा रहा है, जबकि कई कर्मचारियों को दूसरी टीमों में शिफ्ट किया जा रहा है। कंपनी के आंतरिक मेमो में चीफ पीपल ऑफिसर जेनेल गेल ने बताया कि करीब 7 हजार कर्मचारियों को नई एआई-नेटिव टीमों में दोबारा नियुक्त किया जाएगा।

इसके अलावा लगभग 6 हजार खाली पदों को भी खत्म किया जा रहा है। कंपनी खासतौर पर मैनेजर स्तर पर कटौती कर रही है ताकि संगठनात्मक ढांचा छोटा और तेज गति से काम करने वाला बनाया जा सके।

AI पर बड़ा दांव लगा रही Meta

जेनेल गेल ने अपने मेमो में कहा कि कंपनी अब छोटे और ज्यादा प्रभावी समूहों के जरिए काम करना चाहती है, जिससे फैसले तेजी से लिए जा सकें और कर्मचारियों को ज्यादा जिम्मेदारी दी जा सके।

जानकारी के मुताबिक, इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट टीमों पर इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि साल के आखिर तक और कटौतियां की जा सकती हैं।

मेटा के शीर्ष नेतृत्व ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को कंपनी की सबसे बड़ी प्राथमिकता बना दिया है। कंपनी ने इस साल 125 से 145 बिलियन डॉलर तक खर्च करने की योजना बनाई है, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा एआई तकनीक पर खर्च होगा।

कर्मचारियों में बढ़ी नाराजगी

कई कर्मचारियों का मानना है कि वर्क फ्रॉम होम का आदेश सिर्फ इसलिए दिया गया ताकि छंटनी की प्रक्रिया बिना किसी विरोध और हलचल के पूरी की जा सके। कर्मचारियों के मुताबिक, इससे दफ्तरों में किसी तरह की भीड़, विरोध या तनाव की स्थिति नहीं बनी।

 

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