मेरठ/बांदा: उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। पश्चिमी यूपी से लेकर बुंदेलखंड तक हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। बुधवार को जहां वेस्ट यूपी में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, वहीं बांदा देश का सबसे गर्म शहर रहा और यहां पारा 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आने वाले पांच दिनों तक लू और प्रचंड गर्मी जारी रहने का अलर्ट जारी किया है।
वेस्ट यूपी में लगातार चौथे दिन 40 डिग्री से ऊपर तापमान
बुधवार को वेस्ट यूपी के कई जिलों में सूरज ने कहर बरपाया। लगातार चौथे दिन तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना रहा और कई जगह यह 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यह इस सीजन का सबसे गर्म दिन भी दर्ज किया गया। दिनभर तेज धूप और लू के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और दोपहर के समय सड़कों पर आवाजाही बेहद कम हो गई।
लू के थपेड़ों से हालात और बिगड़ने के आसार
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में गर्मी से राहत की कोई संभावना नहीं है। अगले पांच दिनों तक लू का असर और तेज हो सकता है और तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जाने की आशंका जताई जा रही है। हवा में नमी बेहद कम होने के कारण बादलों की गतिविधियां भी लगभग खत्म हो गई हैं, जिससे गर्मी का असर और अधिक बढ़ रहा है।
बांदा में 48 डिग्री पर थमी जिंदगी, सुबह से ही तपिश का कहर
बांदा में स्थिति और भी भयावह रही। बुधवार को यहां अधिकतम तापमान 48 डिग्री और न्यूनतम 30.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह सात बजे के बाद ही गर्म हवाओं और तेज धूप ने लोगों को घरों में कैद होने पर मजबूर कर दिया। दोपहर तक हालात इतने खराब हो गए कि सड़कें सुनसान नजर आने लगीं और लोगों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
लू की चपेट में आए लोग, अस्पतालों में बढ़ी भीड़
भीषण गर्मी के चलते बांदा में सात लोगों की हालत बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार सभी मरीज लू से प्रभावित थे और उनका इलाज किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से गांव-गांव में कूलिंग सेंटर स्थापित करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं ताकि लोगों को राहत मिल सके।
रेलवे और बस अड्डों पर भी दिखा असर
गर्मी और लू का असर यातायात पर भी साफ दिखाई दे रहा है। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर यात्रियों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है। दोपहर के समय भीड़ बेहद कम हो गई है और लोग केवल सुबह और शाम के समय ही यात्रा कर रहे हैं। रोडवेज और रेलवे दोनों में यात्रियों की संख्या में कमी के चलते संचालन पर भी असर पड़ा है।
नमी की कमी और गर्म हवाएं बढ़ा रही संकट
विशेषज्ञों के अनुसार पश्चिमी हवाओं के कारण वातावरण में नमी बेहद कम हो गई है, जिससे गर्मी और अधिक तीव्र हो रही है। बादल न बनने की स्थिति ने भी तापमान को लगातार ऊपर बनाए रखा है। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।