सीएम योगी का जीरो टॉलरेंस एक्शन, वक्फ संपत्तियों और छात्रवृत्ति अनियमितता मामले में मेरठ के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी निलंबित

0 120

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कार्रवाई की है। शासन ने मेरठ के जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रुहेल आजम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर वक्फ संपत्तियों से जुड़ी अनियमितताओं, छात्रवृत्ति योजनाओं में गड़बड़ी और सरकारी धन के गबन जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।

जांच में सहयोग नहीं करने और दस्तावेज छिपाने के आरोप
मामला वर्ष 2012 से 2017 के बीच की अवधि से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें अधिकारी पर विभिन्न योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। जांच के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति ने जब संबंधित दस्तावेज और रिकॉर्ड मांगे तो अधिकारी ने सहयोग करने के बजाय टालमटोल किया। आरोप है कि उन्होंने यह दावा किया कि कार्यालय का डिस्पैच रजिस्टर गुम हो गया है और कुछ दस्तावेज चोरी होने की झूठी एफआईआर भी दर्ज कराई।

EOW जांच में सामने आया सच, अलमारी से मिले कथित ‘गायब’ दस्तावेज
आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के दौरान मामले में बड़ा खुलासा हुआ। जांच के दौरान कथित रूप से गायब बताए गए दस्तावेज अधिकारी के ही कार्यालय की अलमारी से बरामद हुए। इसके बाद जांच एजेंसियों ने उन्हें जब्त कर लिया। बताया गया कि पूछताछ में अधिकारी ने स्वीकार किया कि बरामद दस्तावेज उनकी जानकारी में थे।

जांच प्रभावित करने और साक्ष्य छिपाने के आरोप
जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि अधिकारी ने न केवल जांच को प्रभावित करने की कोशिश की, बल्कि साक्ष्य छिपाने और फर्जी जानकारी देने का भी प्रयास किया। शासन ने इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्टाचार की श्रेणी में मानते हुए कड़ी कार्रवाई की है।

निलंबन के बाद निदेशालय से संबद्ध किए गए अधिकारी
सरकारी आदेश के अनुसार, रुहेल आजम को निलंबन अवधि के दौरान लखनऊ स्थित अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय से संबद्ध किया गया है। मामले में आगे विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.