इजरायली धमकियों के बीच बड़ा फैसला: पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे मोजतबा खामेनेई, ईरान ने बढ़ाई सुरक्षा
तेहरान: ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई अपने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। सुरक्षा कारणों से लिया गया यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब इजरायल की ओर से मिल रही कथित धमकियों को लेकर क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हाकिम इलाही ने बताया कि इजरायल की ओर से मिल रही धमकियों और निगरानी की आशंकाओं के चलते उन्हें सार्वजनिक कार्यक्रमों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसी वजह से वह अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे।
इजरायल को लेकर ईरान की दो टूक चेतावनी
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने अमेरिका से इजरायल को नियंत्रित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने नेतृत्व और नागरिकों के खिलाफ किसी भी तरह की धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा और ऐसे किसी भी कदम का तत्काल व कड़ा जवाब दिया जाएगा।
अरागची ने कहा कि यदि इजरायल अपनी आक्रामक बयानबाजी जारी रखता है तो क्षेत्रीय हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं। उन्होंने अमेरिका से अपने सहयोगी देश पर प्रभाव डालने की मांग भी की।
एक बयान के बाद बढ़ा विवाद
रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज के एक बयान के बाद यह विवाद और गहरा गया। बयान में मोजतबा खामेनेई को लेकर की गई टिप्पणी को ईरान ने गंभीर सुरक्षा चुनौती माना है। इसके बाद ईरानी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।
कूटनीतिक मोर्चे पर भी जारी है हलचल
तनावपूर्ण माहौल के बीच कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। हाल ही में कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका, ईरान, कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों के बीच विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। अधिकारियों का कहना है कि वार्ता सकारात्मक रही और सभी पक्षों ने आगे भी संवाद जारी रखने पर सहमति जताई है।
4 से 9 जुलाई तक होंगे श्रद्धांजलि कार्यक्रम
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की जा रही है और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।