राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में बड़ा खुलासा, SIT की रिपोर्ट में 40 दिनों में 70 बार चोरी का दावा; करोड़ों के गबन के संकेत

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लखनऊ: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कई अहम खुलासे सामने आए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावे की गणना के दौरान 70 बार कथित चोरी जैसी गतिविधियां दर्ज हुई हैं। रिपोर्ट में करोड़ों रुपये के संभावित गबन के संकेत दिए गए हैं और छह कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है। अंतिम जांच अभी जारी है।

सीसीटीवी फुटेज में दर्ज हुईं कथित चोरी की घटनाएं

रिपोर्ट के अनुसार, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज में गणना कार्य के दौरान कुछ कर्मचारी कथित तौर पर नोटों की गड्डियां और खुले नोट कपड़ों, जेबों, जूतों तथा अन्य स्थानों पर छिपाते हुए दिखाई दिए। कुछ मामलों में अन्य कर्मचारियों की भी कथित भूमिका सामने आने की बात कही गई है। हालांकि, 24 अप्रैल 2026 से पहले की फुटेज उपलब्ध नहीं होने के कारण कथित गबन का पूरा आकलन नहीं हो सका।

छह कर्मचारियों की भूमिका पर एफआईआर की सिफारिश

एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र और रमाशंकर मिश्रा की प्रथम दृष्टया संलिप्तता का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में इनके खिलाफ चोरी, आपराधिक षड्यंत्र और अन्य संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश की गई है।

78.94 लाख रुपये और अन्य सामान बरामद होने का उल्लेख

रिपोर्ट के मुताबिक, एसआईटी जांच शुरू होने से पहले ही ट्रस्ट ने संबंधित कर्मचारियों से लगभग 78.94 लाख रुपये, विदेशी मुद्रा, कुछ बहुमूल्य वस्तुएं तथा गणना कक्ष से सटे शौचालय से 2.25 लाख रुपये बरामद किए थे। रिपोर्ट में इन बरामदगी का संबंध उन्हीं कर्मचारियों से जोड़ा गया है, जिनकी भूमिका सीसीटीवी फुटेज में सामने आने की बात कही गई है।

सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल

प्रारंभिक जांच में गणना प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के पालन में कई कमियां बताई गई हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवेश और निकास पर नियमित तलाशी नहीं ली गई, निर्धारित वेशभूषा लागू नहीं की गई, निजी सामान ले जाने पर प्रभावी रोक नहीं थी, बायोमीट्रिक उपस्थिति व्यवस्था पूरी तरह लागू नहीं रही और हुंडीवार अलग-अलग गणना भी नहीं की गई।

बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच की सिफारिश

एसआईटी ने संबंधित कर्मचारियों और उनके परिजनों के बैंक खातों में कथित रूप से आय से अधिक नकद जमा और अन्य वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच की भी सिफारिश की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चोरी की रकम रिश्तेदारों के खातों में जमा करने और संपत्ति अर्जित करने के संकेत मिले हैं, जिनकी आगे जांच की जानी चाहिए।

अभी प्रारंभिक रिपोर्ट, अंतिम जांच जारी

एसआईटी ने स्पष्ट किया है कि यह प्रारंभिक जांच रिपोर्ट है और मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

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