PM मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, विदेशी सरकारों से मिलने वाला यह बना 28वां बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मान

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जकार्ता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ से सम्मानित किया गया है। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने मंगलवार को यह सम्मान प्रदान करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और रणनीतिक सहयोग को नई मजबूती देने में उनके योगदान के लिए यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया जा रहा है। इसके साथ ही विदेशी सरकारों द्वारा सम्मानित किए जाने वाले विश्व नेताओं में प्रधानमंत्री मोदी का नाम और मजबूत हुआ है।

विदेशी सरकारों से मिलने वाला 28वां सर्वोच्च सम्मान

इंडोनेशिया का यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किसी विदेशी सरकार की ओर से मिला 28वां सर्वोच्च नागरिक सम्मान माना जा रहा है। पिछले वर्षों में उन्हें एशिया, अफ्रीका, यूरोप, मध्य पूर्व, कैरेबियाई और प्रशांत क्षेत्र के कई देशों ने अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया है। इन सम्मानों को भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी, वैश्विक कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने में उनके योगदान से जोड़कर देखा जाता है।

क्या है ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ सम्मान?

‘बिंतांग आदिपूर्णा ऑफ द रिपब्लिक ऑफ इंडोनेशिया’ इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह उन विशिष्ट व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने इंडोनेशिया की एकता, विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और राष्ट्रीय हितों को आगे बढ़ाने में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।

भारत-इंडोनेशिया के बीच हुए कई अहम समझौते

प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, प्रौद्योगिकी, कृषि, खनिज, इस्पात, डिजिटल भुगतान और लोकतांत्रिक सहयोग समेत कई क्षेत्रों में समझौतों पर हस्ताक्षर किए। रक्षा सहयोग के तहत इंडोनेशिया ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल की अतिरिक्त इकाइयों की खरीद पर सहमति जताई। इसके साथ ही भारतीय ‘अस्त्र’ एयर-टू-एयर मिसाइल की खरीद का भी फैसला किया गया। भारत इंडोनेशिया के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग प्रणाली विकसित करने में भी सहयोग करेगा।

साझा सांस्कृतिक विरासत पर भी रहेगा फोकस

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध केवल रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच हजारों वर्षों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत रिश्ते भी हैं। उन्होंने बताया कि वह राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ योग्याकार्ता स्थित एक हजार वर्ष से अधिक पुराने प्राम्बानन मंदिर का भी दौरा करेंगे, जो दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।

वैश्विक शांति और इंडो-पैसिफिक सहयोग पर दिया जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में संवाद और कूटनीति पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने फिलिस्तीन मुद्दे पर दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन दोहराया और कहा कि भारत तथा इंडोनेशिया इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करेंगे। उन्होंने आपूर्ति श्रृंखला, महत्वपूर्ण खनिज, इस्पात, डिजिटल भुगतान और लोकतांत्रिक संस्थाओं के बीच सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने जताया आभार

सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह सम्मान उनका नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, इंडोनेशिया सरकार और वहां के नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह दोनों देशों के ऐतिहासिक और गहरे संबंधों का प्रतीक है।

 

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