मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे को लेकर बड़ा फैसला! अब बिना जेब वाले कुर्ते पहनेंगे पुजारी, निगरानी के लिए बनी 7 सदस्यीय समिति
हरिद्वार: उत्तराखंड के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए मंदिर ट्रस्ट ने बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब मंदिर में सेवा देने वाले सभी पुजारियों को बिना जेब वाले कुर्ते पहनने होंगे। इसके साथ ही दान और चढ़ावे की निगरानी के लिए सात सदस्यीय पर्यवेक्षण समिति का गठन भी किया गया है।
चढ़ावे की निगरानी के लिए बनी सात सदस्यीय समिति
मंदिर प्रशासन के अनुसार, नई समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान और चढ़ावे की नियमित निगरानी करेगी। समिति का उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखना और किसी भी संभावित अनियमितता पर नजर रखना है। यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। समिति के सभी सदस्यों को उनकी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए शपथ भी दिलाई गई है।
बिना जेब वाले कुर्ते पहनेंगे सभी पुजारी
नई व्यवस्था के तहत मंदिर में सेवा करने वाले सभी पुजारियों के कुर्तों में किसी भी प्रकार की जेब नहीं होगी। मंदिर ट्रस्ट का मानना है कि यह कदम चढ़ावे के प्रबंधन को अधिक पारदर्शी बनाने और श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया फैसला
मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की आशंका को समाप्त करने और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। हाल के दिनों में धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच इस व्यवस्था को एहतियाती कदम के रूप में लागू किया जा रहा है।
ट्रस्ट अध्यक्ष ने बताई पहल की वजह
मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज ने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि चढ़ावे के प्रबंधन को पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के लिए यह नई व्यवस्था लागू की गई है, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।