नई दिल्ली: रात में एक बार पेशाब के लिए उठना कई लोगों के लिए सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि किसी व्यक्ति को हर रात दो या उससे अधिक बार पेशाब के लिए उठना पड़ रहा है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। चिकित्सकीय भाषा में इस स्थिति को नोक्टूरिया (Nocturia) कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल उम्र बढ़ने का असर नहीं, बल्कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है।
डायबिटीज का हो सकता है संकेत
यदि रात में बार-बार पेशाब आने के साथ अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार भूख लगना, वजन कम होना, थकान या धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण भी हों, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में ब्लड शुगर की जांच कराना जरूरी है।
शरीर में तरल संतुलन बिगड़ने से भी बढ़ सकती है समस्या
विशेषज्ञों के अनुसार, कई मामलों में समस्या मूत्राशय की नहीं बल्कि शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन से जुड़ी होती है। जिन लोगों के पैरों में दिनभर सूजन रहती है, उनके लेटने पर अतिरिक्त तरल रक्त प्रवाह में वापस आ जाता है, जिससे रात में अधिक मूत्र बनने लगता है। यह हृदय या किडनी से जुड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
नींद से जुड़ी बीमारी भी हो सकती है वजह
स्लीप एपनिया जैसी नींद संबंधी समस्या भी नोक्टूरिया का कारण बन सकती है। यदि तेज खर्राटे आना, नींद के दौरान सांस रुकना, सुबह सिरदर्द या दिनभर अत्यधिक नींद महसूस होना जैसी शिकायतें भी हों, तो केवल बार-बार पेशाब आने की समस्या मानकर इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
पुरुषों में प्रोस्टेट बढ़ना बन सकता है कारण
40 से 50 वर्ष की आयु के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना एक सामान्य कारण माना जाता है। ऐसे मरीजों को पेशाब शुरू करने में कठिनाई, बार-बार पेशाब लगना या रात में कई बार उठने जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसे लक्षण दिखने पर यूरोलॉजिस्ट से सलाह लेना जरूरी है।
महिलाओं में यूटीआई और हार्मोनल बदलाव जिम्मेदार हो सकते हैं
महिलाओं में मूत्र मार्ग संक्रमण (यूटीआई) या रजोनिवृत्ति के बाद होने वाले हार्मोनल बदलाव के कारण भी रात में पेशाब की आवृत्ति बढ़ सकती है। यदि पेशाब के दौरान जलन, दर्द, दुर्गंध या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तुरंत जांच करानी चाहिए।
कब तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए?
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि रात में बार-बार पेशाब आने की समस्या अचानक शुरू हो, लगातार बढ़ रही हो, नींद प्रभावित कर रही हो या इसके साथ पेशाब में खून, जलन, दर्द, बुखार, पैरों में सूजन, सांस फूलना, अत्यधिक प्यास लगना या बिना कारण वजन कम होना जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है।