एक दिन की रिकॉर्ड तेजी के बाद टूटे सोना-चांदी के दाम, मुनाफावसूली और ग्लोबल दबाव से बाजार में आई नरमी
नई दिल्ली: सोना और चांदी की कीमतों में गुरुवार 14 मई को गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को जोरदार तेजी देखने के बाद आज बाजार में दबाव नजर आया। कारोबारियों और निवेशकों की मुनाफावसूली के चलते दोनों कीमती धातुओं के भाव नीचे आ गए। सरकार की ओर से आयात शुल्क बढ़ाए जाने के फैसले के बाद एक दिन पहले बाजार में तेज उछाल देखने को मिला था, लेकिन अब निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर चांदी की कीमत करीब 1.2 फीसदी गिरकर 2,96,213 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। वहीं सोना 0.7 फीसदी कमजोर होकर 1,61,027 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। इससे पहले बुधवार को सोना 1,62,250 रुपये और चांदी 3,00,500 रुपये पर बंद हुई थी। इस हिसाब से आज सोने की कीमत में 1,223 रुपये की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी 4,287 रुपये सस्ती हो गई।
ग्लोबल बाजार में भी दिखी कमजोरी
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दबाव में रहे। वैश्विक निवेशकों की नजर अमेरिका और चीन के बीच चल रही अहम बैठकों पर टिकी हुई है। इसके अलावा ईरान से जुड़े तनाव और अंतरराष्ट्रीय हालात भी बाजार की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।
स्पॉट सिल्वर करीब 0.9 फीसदी टूटकर 87.18 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं स्पॉट गोल्ड लगभग स्थिर रुख के साथ 4,688.43 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी कमजोरी रही और यह 0.2 फीसदी गिरकर 4,695 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।
आखिर क्यों आई सोना-चांदी में गिरावट?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि बुधवार को आयात शुल्क बढ़ने की खबर के बाद सोना और चांदी में तेज खरीदारी हुई थी। इसके चलते कीमतों में बड़ा उछाल आया। हालांकि अगले ही दिन निवेशकों ने ऊंचे भाव पर मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार में गिरावट देखने को मिली।
हाल ही में केंद्र सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6 फीसदी से बढ़ाकर करीब 15 फीसदी कर दिया है। सरकार का मकसद बुलियन आयात को कम करना, रुपये पर पड़ने वाले दबाव को घटाना और विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करना बताया जा रहा है।
सुरक्षित निवेश के तौर पर अभी भी बनी हुई है मांग
विशेषज्ञों का मानना है कि गिरावट के बावजूद सोना और चांदी की सुरक्षित निवेश वाली मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। अमेरिका में लगातार बढ़ती महंगाई, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और ईरान संघर्ष जैसे अंतरराष्ट्रीय कारणों की वजह से निवेशक अभी भी कीमती धातुओं में निवेश को सुरक्षित मान रहे हैं।
अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों ने बढ़ाई टेंशन
अमेरिका से जारी ताजा आर्थिक आंकड़ों ने भी वैश्विक बाजार की चिंता बढ़ा दी है। अप्रैल महीने में उत्पादक कीमतों में पिछले चार वर्षों की सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में महंगाई का दबाव अभी भी बरकरार है। यही कारण है कि बाजार में हल्की गिरावट आने के बावजूद सोना और चांदी निवेशकों की पसंद बने हुए हैं।