गौतमबुद्धनगर में भीषण गर्मी का अलर्ट, प्रशासन ने जारी की लू से बचाव की विस्तृत एडवाइजरी, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
गौतमबुद्धनगर, 27 अप्रैल 2026। बढ़ती गर्मी और हीट वेव के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने जानकारी दी कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने आम जनमानस की सुरक्षा के मद्देनज़र लू से बचाव के लिए “क्या करें और क्या न करें” को लेकर विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि इन दिशा-निर्देशों का पालन कर खुद को सुरक्षित रखें।
लू से बचने के लिए ये सावधानियां बेहद जरूरी
जारी एडवाइजरी के अनुसार लोगों को लगातार प्रचार माध्यमों पर प्रसारित हीट वेव की चेतावनियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है, भले ही प्यास न लगे। हल्के रंग के सूती और पसीना सोखने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
घर से बाहर निकलते समय धूप से बचाव के लिए चश्मा, छाता, टोपी और चप्पल का उपयोग करने को कहा गया है। खुले में काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। उन्हें सिर, चेहरा, हाथ और पैरों को गीले कपड़े से ढककर रखने और छाते का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।
यदि कोई व्यक्ति लू से प्रभावित हो जाता है तो उसे तुरंत छाया में लिटाकर गीले सूती कपड़े से पोंछना या नहलाना चाहिए और जल्द से जल्द चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। यात्रा के दौरान पानी साथ रखना अनिवार्य बताया गया है।
घरेलू उपायों और लक्षणों की पहचान पर भी जोर
प्रशासन ने ओआरएस और घरेलू पेय पदार्थ जैसे लस्सी, चावल का पानी, नींबू पानी और छाछ के सेवन की सलाह दी है, ताकि शरीर में पानी की कमी को पूरा किया जा सके। साथ ही हीट स्ट्रोक, हीट रैश और हीट क्रैम्प के लक्षण—जैसे कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द, उल्टी जैसा महसूस होना, अत्यधिक पसीना और बेहोशी—को पहचानने और ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने को कहा गया है।
घर को ठंडा रखने के लिए पर्दों और दरवाजों का सही इस्तेमाल करने और शाम व रात के समय इन्हें खोलकर वेंटिलेशन बढ़ाने की सलाह दी गई है। पंखे, गीले कपड़े और बार-बार स्नान करने से भी राहत मिल सकती है।
कामकाजी लोगों और संवेदनशील वर्ग पर विशेष ध्यान
कार्यस्थलों पर ठंडे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कर्मचारियों को सीधी धूप से बचाने के निर्देश दिए गए हैं। श्रमसाध्य कार्यों को दिन के ठंडे समय में करने की सलाह दी गई है। साथ ही बाहर काम करने वालों को बीच-बीच में आराम करने का समय बढ़ाने को कहा गया है। गर्भवती महिलाओं और बीमार कर्मियों पर विशेष ध्यान देने की भी अपील की गई है।
इन गलतियों से बचने की सख्त हिदायत
एडवाइजरी में कुछ अहम सावधानियों को नज़रअंदाज़ न करने की भी चेतावनी दी गई है। बच्चों और जानवरों को कभी भी बंद या खड़ी गाड़ियों में अकेला न छोड़ने को कहा गया है। दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच तेज धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
गहरे रंग के भारी और तंग कपड़े पहनने से बचने और अधिक तापमान के दौरान भारी काम न करने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा अधिक प्रोटीन युक्त, बासी और संक्रमित खाद्य एवं पेय पदार्थों के सेवन से भी दूरी बनाए रखने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है, इसलिए सभी नागरिक सतर्क रहें और जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।