दिव्यांगजनों की कानूनी संरक्षकता पर बड़ा फैसला, गौतमबुद्धनगर में 11 संरक्षकता प्रमाण पत्रों को मिली मंजूरी

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गौतमबुद्धनगर: मानसिक एवं बहु-दिव्यांगजनों को कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराने की दिशा में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में लोकल लेवल कमेटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में नेशनल ट्रस्ट अधिनियम-1999 के तहत दिव्यांगजनों को कानूनी संरक्षकता प्रदान किए जाने से जुड़े मामलों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के प्रावधानों के तहत ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता तथा बहु-दिव्यांगता से प्रभावित व्यक्तियों को कानूनी संरक्षकता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह बैठक आयोजित की गई।

11 संरक्षकता प्रमाण पत्र जारी करने पर बनी सहमति

बैठक के दौरान जिलाधिकारी और समिति के अन्य सदस्यों के समक्ष कानूनी संरक्षकता प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कुल 11 आवेदन प्रस्तुत किए गए।

सभी मामलों की समीक्षा और विचार-विमर्श के बाद समिति ने संबंधित दिव्यांगजनों के अभिभावकों को कानूनी संरक्षकता प्रदान करने के लिए 11 संरक्षकता प्रमाण पत्र जारी करने पर अपनी सहमति दे दी।

लंबित आवेदनों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर लंबित पड़े सभी आवेदन पत्रों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र दिव्यांगजनों और उनके परिवारों को समय पर कानूनी संरक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों से जुड़े मामलों में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं होगी और सभी लंबित प्रकरणों को निर्धारित समयसीमा में निपटाया जाए।

बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी भाल चंद्र त्रिपाठी, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी आशीष कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर विवेक भदोरिया, जिला कृषि अधिकारी विवेक दुबे, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी टीकम सिंह तथा विभिन्न स्वैच्छिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

 

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