पंजाब की सियासत में बड़ा सियासी उलटफेर, आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की पंजाब पुलिस सुरक्षा वापस ली

0 27

चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के बीच चल रहा विवाद अब एक नए और गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। पहले पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया और अब पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा भी वापस ले ली है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

पंजाब सरकार ने हटाई सुरक्षा, बढ़ी सियासी हलचल

जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने राघव चड्ढा को दी गई पंजाब पुलिस सुरक्षा को वापस ले लिया है। चड्ढा को यह सुरक्षा राज्यसभा सांसद और पंजाब के सह-प्रभारी होने के नाते प्रदान की गई थी। अब सुरक्षा हटाए जाने को पार्टी के भीतर बढ़ती दूरी और तनाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

पहले उपनेता पद से हटाए गए थे चड्ढा

इससे पहले 2 अप्रैल को आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया था। उनकी जगह पंजाब से राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसके साथ ही पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को भी सूचित किया था कि अब चड्ढा को पार्टी कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। इसके बाद से ही दोनों पक्षों के बीच तनाव और बयानबाजी बढ़ती चली गई।

‘खामोश करने की कोशिश’ का आरोप

पद से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उन्हें खामोश करने की कोशिश की गई है, लेकिन वे हार मानने वालों में नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सौरभ भारद्वाज, आतिशी और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुलकर उन पर पार्टी लाइन से हटकर काम करने के आरोप लगाए थे।

केंद्र की सुरक्षा को लेकर भी उठे सवाल

इसी बीच दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दावा किया कि केंद्र सरकार राघव चड्ढा को जेड प्लस सुरक्षा देने की तैयारी कर रही है। उन्होंने इस पर सवाल भी उठाए। हालांकि, चड्ढा के करीबी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल उन्हें केंद्र की ओर से कोई सुरक्षा नहीं मिली है, हालांकि भविष्य में इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

बढ़ते मतभेदों ने बढ़ाई सियासी गर्मी

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपनेता पद से हटाने और अब सुरक्षा वापस लेने जैसे फैसले आम आदमी पार्टी के भीतर गहराते मतभेदों को उजागर कर रहे हैं। वहीं, केंद्र की संभावित भूमिका को लेकर उठे सवालों ने इस विवाद को और जटिल बना दिया है। फिलहाल पार्टी और राघव चड्ढा के बीच बढ़ती दूरी आने वाले दिनों में और सियासी टकराव को जन्म दे सकती है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.