मेरठ शिक्षक-स्नातक निर्वाचन नामावली पर बड़ा अपडेट, छूटे नाम जुड़वाने का मौका; दावे-आपत्तियां अभी भी कर सकते हैं दाखिल

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गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश विधान परिषद के मेरठ खंड स्नातक और खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के डी-नोवो पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अंतिम प्रकाशन पहले ही किया जा चुका है। इसके बावजूद जिन पात्र स्नातकों और शिक्षकों के नाम अभी तक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सके हैं, उनके लिए दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है।

अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार 1 नवंबर 2025 को अर्हता तिथि मानते हुए 6 जनवरी 2026 को मेरठ खंड स्नातक एवं खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित कर दी गई थी। यह नामावली संबंधित उपजिलाधिकारी एवं पदनामित निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी कार्यालयों के साथ-साथ जिला निर्वाचन कार्यालय में निःशुल्क निरीक्षण के लिए उपलब्ध है।

दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया जारी

निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार वर्तमान में नामावली के निरंतर पुनरीक्षण का कार्य चल रहा है। ऐसे पात्र नागरिक, जिनके नाम अभी तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हैं, वे अपने संबंधित तहसील कार्यालय अथवा जिला निर्वाचन कार्यालय में कार्यालय समय के दौरान निर्धारित प्रारूप में दावा या आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं।

इन प्रपत्रों के माध्यम से कर सकते हैं आवेदन

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में नाम दर्ज कराने के लिए प्रपत्र-18 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए प्रपत्र-19 उपलब्ध हैं। वहीं, किसी नाम को हटाने के लिए प्रारूप-7 तथा प्रविष्टियों में सुधार या निवास परिवर्तन के लिए प्रारूप-8 का उपयोग किया जा सकता है। ये सभी प्रपत्र संबंधित तहसील कार्यालय और जिला निर्वाचन कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं।

स्नातक मतदाता बनने के लिए क्या है पात्रता?

मेरठ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदक का 1 नवंबर 2025 से कम से कम तीन वर्ष पूर्व स्नातक होना आवश्यक है। आवेदन पत्र के साथ डिग्री, डिप्लोमा या अंकपत्र की प्रमाणित प्रति तथा निवास संबंधी प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए यह शर्त जरूरी

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पंजीकरण के लिए आवेदक को ऐसे मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थान में शिक्षक होना चाहिए, जिसका स्तर माध्यमिक विद्यालय या उससे ऊपर हो। साथ ही अर्हता तिथि तक पिछले छह वर्षों में कम से कम तीन वर्ष शिक्षण कार्य का अनुभव होना आवश्यक है। आवेदन के साथ निवास संबंधी साक्ष्य भी प्रस्तुत करना होगा।

अधिक से अधिक पात्र नागरिकों के नाम जोड़ने पर जोर

निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयोग की मंशा सभी पात्र स्नातकों और शिक्षकों के नाम संबंधित निर्वाचन नामावलियों में शामिल करने की है। इसके लिए जनसामान्य से अपील की गई है कि पात्र नागरिक पुनरीक्षण अवधि के दौरान आवश्यक दस्तावेजों सहित आवेदन प्रस्तुत कर अपने नाम मतदाता सूची में दर्ज कराएं और निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में सहयोग दें।

 

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