डोनाल्ड ट्रंप का क्यूबा पर तीखा हमला, बोले- ‘यह विफल देश है, इनके पास तेल तक नहीं; हम मानवीय मदद के लिए वहां हैं’
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने क्यूबा को “विफल राष्ट्र” बताते हुए कहा कि वहां हालात बेहद खराब हैं और देश के पास तेल तक नहीं है। उन्होंने कहा कि अमेरिका वहां लोगों और परिवारों की मदद के लिए मौजूद है।
ट्रंप ने कहा, “क्यूबा एक असफल राष्ट्र है। उनके पास तेल नहीं है। हम वहां परिवारों और आम लोगों की मदद के लिए हैं। मानवीय आधार पर अमेरिका सहायता कर रहा है।”
राउल कास्त्रो पर कार्रवाई का किया समर्थन
अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले का भी खुलकर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मियामी समेत अमेरिका में रहने वाले क्यूबाई मूल के लोग अमेरिकी अटॉर्नी जनरल की कार्रवाई की सराहना कर रहे हैं।
ट्रंप ने कहा, “क्यूबा हमारे दिमाग में है और यह हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है।” जब उनसे पूछा गया कि क्या क्यूबा में तनाव और बढ़ सकता है, तो उन्होंने कहा कि हालात ज्यादा नहीं बिगड़ेंगे क्योंकि “उन्होंने वास्तव में क्यूबा पर अपना नियंत्रण खो दिया है।”
ईरान पर भी ट्रंप ने दोहराया सख्त रुख
क्यूबा के साथ-साथ ट्रंप ने ईरान को लेकर भी अपनी कड़ी नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि अमेरिका पूरी तरह तैयार है और ईरान को परमाणु हथियार बनाने की इजाजत किसी भी कीमत पर नहीं दी जाएगी।
ट्रंप ने कहा, “हम बिल्कुल निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं। हमें सही और ठोस जवाब चाहिए। अगर ऐसा होता है तो बहुत समय, ऊर्जा और लोगों की जान बचाई जा सकती है।”
उन्होंने आगे कहा कि ईरान को लेकर उनके पास दूसरा विकल्प नहीं था क्योंकि वह परमाणु हथियार विकसित करने की दिशा में बढ़ रहा था। ट्रंप ने दावा किया कि यह मामला जल्द किसी न किसी रूप में समाप्त हो जाएगा।
राउल कास्त्रो पर हत्या समेत कई आरोप
दरअसल, अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने बुधवार को क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की घोषणा की थी। उन पर वर्ष 1996 में ‘ब्रदर्स टू द रेस्क्यू’ नामक निर्वासित समूह के दो नागरिक विमानों को मार गिराने के मामले में आरोप लगाए गए हैं।
उस समय राउल कास्त्रो क्यूबा के रक्षा मंत्री थे। उन पर हत्या, विमान नष्ट करने और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी।