नई दिल्ली: दिल्ली से देहरादून के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। देश के आधुनिकतम दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब तक मिल रही मुफ्त यात्रा सुविधा समाप्त कर दी गई है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने इस रूट के पहले चरण पर टोल टैक्स वसूली शुरू कर दी है, जिसके बाद यात्रियों को अब इस हाई-स्पीड कॉरिडोर पर यात्रा के लिए शुल्क देना होगा।
बागपत-खेकड़ा सेक्शन पर लागू हुई टोल दरें
अधिकारियों के अनुसार एक्सप्रेसवे के बागपत-खेकड़ा खंड पर टोल दरें प्रभावी कर दी गई हैं। पहले इस हिस्से को ट्रायल के तौर पर जनता के लिए मुफ्त खोला गया था, लेकिन अब यहां टोल प्लाजा को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। यह कदम एक्सप्रेसवे के निर्माण, संचालन और रखरखाव पर आए खर्च की भरपाई के उद्देश्य से उठाया गया है।
वाहनों के लिए तय की गई टोल दरें
नई दरों के मुताबिक कार, जीप और छोटे वाहनों के लिए एक तरफ का टोल 190 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा करने पर 285 रुपये देने होंगे। हल्के कमर्शियल वाहन, मिनी बस और हल्के मालवाहक वाहनों के लिए एक तरफ 310 रुपये और रिटर्न यात्रा के लिए 460 रुपये का टोल तय किया गया है। बस और ट्रक के लिए यह दर 645 रुपये (एक तरफ) और 970 रुपये (रिटर्न) रखी गई है। वहीं ओवरसाइज वाहनों को एक तरफ 1235 रुपये और रिटर्न के लिए 1835 रुपये का भुगतान करना होगा। थ्री एक्सल कमर्शियल वाहनों के लिए टोल 705 रुपये और रिटर्न यात्रा के लिए 1055 रुपये निर्धारित किया गया है।
फास्टैग से होगा ऑटोमैटिक भुगतान सिस्टम
टोल वसूली को सुचारु और तेज बनाने के लिए एक्सप्रेसवे पर फास्टैग आधारित प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। सेंसर आधारित इस सिस्टम के जरिए वाहन के टोल बूथ से गुजरते ही शुल्क अपने आप बैंक खाते से कट जाएगा और गेट स्वतः खुल जाएगा। इससे न केवल जाम की स्थिति से बचाव होगा बल्कि यात्रा समय भी कम होगा।
दिल्ली-देहरादून सफर अब और तेज, लेकिन टोल के साथ
हालांकि अब यात्रियों को टोल टैक्स देना होगा, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर काफी तेज हो गया है। जो यात्रा पहले 5 से 6 घंटे में पूरी होती थी, अब वह घटकर लगभग 2.5 से 3 घंटे में पूरी की जा सकती है, जिससे यात्रियों को समय की बड़ी बचत मिल रही है।