नई दिल्ली: भारतीय रेलवे की राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों को उनकी तेज रफ्तार, समयबद्ध संचालन और प्रीमियम सुविधाओं के लिए जाना जाता है। इन्हीं में एक ऐसी ट्रेन भी शामिल है, जो दूरी और सफर की लंबाई के लिहाज से खास पहचान रखती है। यह ट्रेन करीब 2843 किलोमीटर का लंबा सफर लगभग 42 घंटे में पूरा करती है और इसे भारत की सबसे लंबी राजधानी एक्सप्रेस माना जाता है।
नई दिल्ली से केरल तक का लंबा सफर
यह राजधानी एक्सप्रेस नई दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से शुरू होकर केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम सेंट्रल तक जाती है। ट्रेन नंबर 12431/12432 वाली यह सेवा उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ती है और दोनों क्षेत्रों के बीच एक महत्वपूर्ण रेल संपर्क के रूप में कार्य करती है। लगभग 2843 किलोमीटर की यह यात्रा यात्रियों को देश के एक छोर से दूसरे छोर तक ले जाती है।
7 राज्यों से होकर गुजरती है यह ट्रेन
इस लंबे सफर के दौरान यह ट्रेन भारत के सात प्रमुख राज्यों—राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक और केरल—से होकर गुजरती है। यात्रा के दौरान यात्रियों को अलग-अलग भाषा, संस्कृति, परंपरा और भौगोलिक विविधता का अनुभव मिलता है, जो इस सफर को और भी खास बना देता है।
सुबह से रात तक का लंबा सफर, लगभग 42 घंटे की यात्रा
रेलवे जानकारी के अनुसार यह ट्रेन हजरत निजामुद्दीन स्टेशन से सुबह 6:16 बजे रवाना होती है और लगभग 42 घंटे की यात्रा के बाद अगले दिन रात 11:35 बजे तिरुवनंतपुरम सेंट्रल पहुंचती है। दो दिनों से अधिक चलने वाली यह यात्रा भारतीय रेलवे के सबसे लंबे और महत्वपूर्ण रूट्स में से एक मानी जाती है।
राजधानी एक्सप्रेस होने का मिलता है फायदा
राजधानी श्रेणी की ट्रेन होने के कारण इसे रेलवे नेटवर्क में उच्च प्राथमिकता दी जाती है। कम स्टॉपेज, बेहतर समयबद्धता और तेज संचालन इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं। यही वजह है कि लंबी दूरी होने के बावजूद यह ट्रेन अपनी सटीक टाइमिंग के लिए जानी जाती है। यह केवल एक रेल यात्रा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक विविधता का जीवंत अनुभव भी कराती है।