1 अप्रैल को 90 वर्ष पूरा करने का जश्न मनाएगा RBI, कार्यक्रम में शामिल होंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू

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नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 1 अप्रैल 2025 को मुंबई स्थित अपने मुख्य कार्यालय में अपनी स्थापना के 90 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाएगा। इस अवसर पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवन फडणवीस और आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस अवसर पर आरबीआई के गवर्नर अपना स्वागत भाषण देंगे साथ ही आरबीआई के पिछले 90 सालों के कामकाज को याद करेंगे।

बता दें कि अप्रैल में ही भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ब्याज दर निर्धारित की जाने वाले पैनल की तारिखों की घोषणा भी कर दी है। आरबीआई नए वित्त वर्ष में 7 और 9 अप्रैल 2025 को अपनी पहली बैठक करेगा। जिसमें ब्याज दरों पर फैसला लिया जाना है। 1 अप्रैल 2025 से शुरू होने वाले वित्त वर्ष के लिए कुछ छह मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) बैठकें होंगी।

रेपो रेट में कटौती
आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति ने रेपो दर में फरवरी 2025 में रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती की थी और इसे 6.25 प्रतिशत कर दिया है। मई 2020 के बाद यह पहली कटौती थी। बाजार विशेषज्ञ अप्रैल में होने वाली एमपीसी की बैठक में एक और कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।

1 अप्रैल 1935 को हुई थी आरबीआई की शुरुआत
देश के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने अपना कामकाज 1 अप्रैल 1935 से शुरू किया था। इसकी स्थापना बीसवी सदी में हिल्टन यंग कमीशन की सिफारिशों के आधार पर की गई थी। सर ओसबोर्न स्मिथ को इसका पहला गवर्नर नियुक्त किया गया था। आरबीआई की स्थापना करेंसी नोटों के मुदों को विनियमित करने, मौद्रिक स्थिरता सुनिश्चित करने और विदेशेी मुद्रा भंडार बनाए रखने तथा देश की ऋण एवं मुद्रा प्रणाली को लाभ के लिए संचालित करने के लिए की गई थी।आजादी के बाद 1948 तक आरबीआई पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के रूप में भी काम करता है, जब तक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान की स्थापना नहीं हुई। भारत की आजादी के बाद 1949 में इसका राष्ट्रीकरण कर दिया गया।

आरबीआई के कार्य
आरबीआई बैंक मुद्रा को जारी करता है, मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और ब्याज दरों को निर्धारित करने की जिम्मेदारी बैंक की होती है। यह रुपये के मूल्य को बनाए रखने और अर्थवस्वस्था में स्थिरता लाने के लिए काम करता है। बैंक वित्तिय संस्थानों और भुगतान प्रणालियों को विनियमित करता है, साथ ही सुनिश्चित करता है कि यह संस्थान वित्तिय स्थिरता बनाए रखे और उपभोक्ताओं की हितों की रक्षा को ध्यान में रख काम करता है। रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन करता है और विदेशी मुद्रा बाजार को विनियमित करता है।

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