संविधान दिवस पर बोले प्रधानमंत्री मोदी- संविधान हमारी सबसे बड़ी ताकत, सब को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा भारत

0 157

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुप्रीम कोर्ट में संविधान दिवस समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। पीएम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान के चलते ही आज देश के गरीब और महिलाएं सशक्त हैं। उन्होंने कहा कि भारत आज तमाम मुश्किलों को पीछे छोड़ आगे बढ़ रहा है। पीएम ने कहा कि युवाओं को देश के संविधान की जानकारी होना जरूरी है, जब वो इसे जानेंगे तो उन्हें कई सवालों के जवाब खुद मिलेंगे।

विश्व की निगाहें भारत पर टिकी
पीएम ने कहा कि आज के वैश्विक हालात में पूरे विश्व की निगाहें भारत पर टिकी हैं। भारत के तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और इसकी मजबूत वैश्विक छवि के चलते दुनिया हमें बड़ी उम्मीदों के साथ देख रही है। पीएम ने कहा कि इसके पीछे सबसे बड़ी ताकत हमारा संविधान ही है।

26/11 आतंकी हमले में जान गंवाने वालों को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ही के दिन मुंबई में 26/11 आतंकी हमला हुआ था। पीएम ने कहा कि 14 साल पहले जब भारत अपने संविधान और नागरिकों के अधिकारों का जश्न मना रहा था, तब मानवता के दुश्मनों ने भारत पर सबसे बड़ा आतंकी हमला किया था। हमले में जान गंवाने वालों को मैं श्रद्धांजलि देता हूं।

लांच की ई-कोर्ट परियोजना
इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने सबसे पहले ई-कोर्ट परियोजना की शुरुआत की। इस परियोजना के तहत वर्चुअल जस्टिस क्लॉक, डिजिटल कोर्ट और जस्टिस मोबाइल एप 2.0 शुरू की जाएगी। पीएम ने लांचिंग के बाद कहा कि 1949 में आज ही के दिन स्वतंत्र भारत ने अपने लिए एक नई भविष्य की नीव डाली थी। इस बार का संविधान दिवस इसलिए भी विशेष है क्योंकि भारत ने अपने आजादी के 75 वर्ष पूरे किए हैं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले एक ट्वीट के जरिए संविधान देने वाले देश के महान नेताओं को श्रद्धांजलि दी और राष्ट्र के लिए अपने दृष्टिकोण को पूरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। संविधान सभा द्वारा भारत के संविधान को अपनाने के उपलक्ष्य में 2015 से 26 नवंबर के दिन को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इससे पहले, इस दिन को कानून दिवस के रूप में मनाया जाता था।

अटॉर्नी जनरल बोले- सामाजिक विभाजन को मिटाने की जरूरत
अटार्नी आर वेंकटरमनी ने कार्यकर्म को संबोधित करते हुए कहा कि जाति और अन्य सामाजिक विभाजन की कुछ हानिकारक समस्याओं को मिटाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि समानता का दावा जटिल है और नए विभाजन पैदा किए बिना कानून, समाज और अदालतों के बीच समन्वय के लिए आवास बनाया जाना चाहिए।

इसलिए मनाया जाता है संविधान दिवस
देश के संविधान के निर्माता डा बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देने के लिए सामाजिक न्याय मंत्रालय ने 19 नवंबर 2015 को 26 नवंबर को देश संविधान दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया था। इसका उद्देश्य देश के लोगों को संविधान के बारे में जागरुक करना भी है। संवैधानिक मूल्यों की जानकारी देश के हर नागरिक को हो इसके लिए संविधान दिवस मनाने का फैसला हुआ था।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.