यूपी में बारिश-बाढ़ का कहर, पानी ही पानी, 16 से ज्यादा लोगों की मौत, लगभग 20 घायल

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लखनऊ. पिछले लगभग 24 घंटों से ज्यादा समय से यूपी में विभिन्न स्थानों पर रुक-रुककर हो रही बारिश से तबाही मची हुई है। बारिश के कारण हुए विभिन्न हादसों में पिछले 24 घंटों में 16 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 11 लोगों की जान सिर्फ इटावा जिले में गई है। इस दौरान 20 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। जगह-जगह जलभराव के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह और शाम को ऑफिस आने-जाने वाले लोगों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

बारिश से इटावा में पांच जगहों पर मकान ढह गए, जिनमें 11 लोगों की मौत हो गई। पहला हादसा सिविल लाइन इलाके के चंद्रपुरा गांव में हुआ। जहां कच्चे मकान की दीवार गिरने से दादी के साथ सो रहे चार बच्चों की मौत हो गई। चारों सगे भाई-बहन सिंकू (10), अभि (8), सोनू (7), आरती (5) हैं। मृतक बच्चों के माता-पिता की मौत दो वर्ष पहले हो चुकी थी।

थाना इकदिल के ग्राम कृपालापुर में भी कच्चे मकान की दीवार गिरी, जिसके मलबे में दबकर बुजुर्ग दंपती की मौत हो गई। तीसरे हादसा शहर कोतवाली क्षेत्र के घटिया अजमत अली इलाके में हुआ। यहां मकान गिरने से तीन बच्चों की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए। मरने वालों में आलिया (7), आहिल (8) और सुहाना 13 महीने शामिल हैं। चकरनगर के बंग्लान अंदावा गांव में झोपड़ी गिरने से मजदूर की दबकर मौत हो गई। महेवा में भी कच्चा मकान गिरने से एक की मौत हो गई।

फिरोजाबाद की नई आबादी में खाली प्लॉट भरे दिखाई दिए। ग्रामीण अंचल में दीवार गिरने से जसराना नगला गवे निवासी ईशाक अली (57) व शिकोहाबाद के वंशीनगर में छह वर्ष के बच्चे शिवम और नगला विश्नू निवासी राम प्रकाश (60) मौत हो गई। 16 लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए भेजा है। बारिश ने किसानों को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।

फिरोजाबाद में बारिश के कारण प्रकाश टॉकीज के समीप संचालित पार्किंग जलमग्न हो गई। पार्किंग के अंदर खड़ी कारें पानी में डूब गई। इसकी जानकारी कार स्वामियों को हुई तो वह मौके पर पहुंचे। कारें पूरी तरह से पानी में डूबी होने के कारण वह कारों को निकाल नहीं सके।

फिरोजाबाद में सितंबर माह की औसतन बारिश के सापेक्ष अधिक बारिश एक दिन में ही हो गई। कृषि विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो सितंबर माह में औसतन 128.20 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए। लेकिन बुधवार की शाम से लेकर बृहस्पतिवार को दोपहर तक ही औसत से अधिक 139.18 मिली मीटर बारिश हो गई। अफसरों की मानें तो कई वर्ष पुराना

एटा जिले में बारिश आफत बनकर बरसी। बुधवार से गुरुवार दोपहर तक रुक-रुककर बारिश हुई। इसके कारण अलग-अलग क्षेत्रों में चार मकान गिरने से 17 लोग घायल हो गए। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी मकान और दीवारें गिरने के हादसे हुए हैं। वहीं आकाशीय बिजली गिरने से मैनपुरी के कुरावली क्षेत्र में बुजुर्ग महिला की मौत हो गई।

बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र के गांव चिंगरावठी, हरवानपुर और महाव में चक्रवाती तूफान (बवंडर) ने बृहस्पतिवार को क्षेत्र में कहर बरपाया। जिसमें 200 से अधिक पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर गिर गए। 18 से अधिक मकानों की दीवार क्षतिग्रस्त हो गईं और कई मकानों में दरार आ गई। तूफान के दौरान गिरी मकान की दीवार की चपेट में आने से तीन महिलाएं घायल हो गईं, जिनका उपचार स्याना में चल रहा है। किसानों की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। डीएम के निर्देश पर एडीएम वित्त एवं राजस्व, एसपी सिटी, एसडीएम व सीओ समेत अन्य अधिकारी गांव में पहुंचकर राहत कार्य के

जलालाबाद क्षेत्र के गांव सिकंदरपुर अफगानान के रहने वाले गुरुशरण कुशवाहा ने बताया कि उनकी पत्नी गोरखा देवी जानवरों के लिए चारा लेने के लिए गांव धिंयरा जाने वाले रोड किनारे खेत में गईं थीं। बारिश होने पर खेत में लगे पेड़ के नीचे पांच-छह लोगों के साथ ही गोरखा भी खड़ी हो गईं थीं। इसी दौरान तेज आवाज के साथ उनके ऊपर बिजली गिर गई। लोग उन्हें लेकर सीएचसी आए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

गोरखपुर जनपद की नदियों के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण बाढ़ का संकट गहरा गया है। घाघरा नदी के किनारे बसे गांव सबसे अधिक प्रभावित हैं। गोला और खजनी तहसील के 37 गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। प्रभावित गांवों में 41 नावों को लगाना पड़ा है।

आगरा के सिकंदरा के कीठम स्थित आनंद इंजीनियरिंग कॉलेज के मैदान में चल रही सेना भर्ती प्रक्रिया तीसरे दिन बारिश के कारण स्थगित हो गई। जालौन व झांसी के 8449 युवाओं ने पंजीकरण कराया था। 5671 अभ्यर्थी भर्ती के लिए पहुंचे। सुबह दौड़ होनी थी, लेकिन बारिश का पानी मैदान में भरा था। जिसके कारण दौड़ नहीं हो सकी। अब जालौन व झांसी के युवाओं की भर्ती प्रक्रिया 10 अक्तूबर को रिजर्व-डे वाले दिन होगी।

बिजनौर में पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होने से कोटावाली नदी गुरुवार को उफान पर रही। गांव रामपुर चाठा के पास कोटावाली नदी में कार्य कर रही एक जेसीबी भी डूब गई। चालक ने बामुश्किल से अपनी जान बचाई। वहीं कोटावाली नदी रपटे पर पानी आने से तीन घंटे तक वाहनों का आवागमन बंद रहा।

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