गर्मी का मौसम शुरू होते ही सत्तू एक बार फिर लोगों की डाइट का अहम हिस्सा बन जाता है। खासकर उत्तर भारत में इसका चलन काफी ज्यादा है, क्योंकि यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ पोषण भी भरपूर देता है। अब यह सिर्फ बिहार और यूपी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में लोग इसे अपने रोज़ाना खानपान में शामिल कर रहे हैं। सत्तू से कई तरह की डिश बनाई जाती हैं, लेकिन नाश्ते में इसका मीठा और नमकीन दोनों रूप सबसे ज्यादा पसंद किया जाता है।
मीठा या नमकीन सत्तू—क्या है आपके लिए बेहतर विकल्प?
सत्तू को किस तरह खाना चाहिए, यह पूरी तरह आपकी जरूरत और सेहत पर निर्भर करता है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं या शुगर की समस्या से जूझ रहे हैं, तो नमकीन सत्तू बेहतर विकल्प माना जाता है। वहीं, अगर आप वजन बढ़ाना चाहते हैं या सुबह कुछ मीठा खाने की इच्छा है, तो मीठा सत्तू आपके लिए सही रहेगा। सत्तू में प्रोटीन, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो इसे एक संतुलित और एनर्जी देने वाला फूड बनाते हैं।
मीठा सत्तू बनाने का आसान तरीका
मीठा सत्तू तैयार करने के लिए सबसे पहले सत्तू को पानी या दूध में घोल लें। ध्यान रखें कि इसका घोल न ज्यादा पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा—इसे हल्का गाढ़ा रखना बेहतर रहता है। इसके बाद स्वाद के अनुसार चीनी, बूरा या गुड़ मिलाएं। अच्छे से घोलकर इसे सीधे पी सकते हैं। दूध में मिलाकर पीने पर इसका स्वाद और भी रिच हो जाता है, जो खासतौर पर बच्चों और मीठा पसंद करने वालों को अच्छा लगता है।
नमकीन सत्तू की रेसिपी भी है बेहद आसान
नमकीन सत्तू बनाने के लिए एक गिलास पानी में 3-4 बड़े चम्मच सत्तू मिलाएं और अच्छे से घोल लें। अब इसमें काला नमक, भुना जीरा और पुदीना डालकर स्वाद बढ़ाएं। चाहें तो थोड़ा नींबू रस भी मिला सकते हैं। अगर आप इसे खाने के रूप में लेना चाहते हैं, तो घोल को थोड़ा गाढ़ा रखें और इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, जीरा और नींबू डालकर मिक्स करें। यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पेट भरने वाला हेल्दी विकल्प भी है।
गर्मी में क्यों जरूरी है सत्तू?
सत्तू शरीर को ठंडा रखने, पाचन सुधारने और दिनभर एनर्जी बनाए रखने में मदद करता है। यही वजह है कि इसे गर्मियों का सुपरफूड कहा जाता है। सही तरीके से और अपनी जरूरत के अनुसार सत्तू को डाइट में शामिल करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।