उत्तराखंड यूसीसी रिपोर्ट हुई जारी, शादी की उम्र, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप सहित बने कई कानून
देहरादून : उत्तराखंड में रहने वाली जनजातियों के लिए समान नागरिक संहिता के प्रावधान पूरी तरह स्वैच्छिक होंगे, यदि जनजाति समाज का कोई व्यक्ति समान नागरिक संहिता के किसी प्रावधान को इस्तेमाल करना चाहता है तो कर सकता है। अलबत्ता, सभी धार्मिक…
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