तमिलनाडु में सरकार गठन पर बढ़ा सस्पेंस, बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा पाए विजय; कॉन्वॉय सुरक्षा वापस, AIADMK ने विधायकों को रिसोर्ट भेजा

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तमिलनाडु की राजनीति में नई सरकार के गठन को लेकर जबरदस्त हलचल तेज हो गई है। TVK प्रमुख थलपति विजय के मुख्यमंत्री पद की शपथ को लेकर जारी अटकलों के बीच अब सस्पेंस और गहरा गया है। चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी थीं, लेकिन बहुमत के लिए जरूरी विधायकों का समर्थन पत्र नहीं मिलने से पूरा घटनाक्रम अचानक बदल गया।

बताया जा रहा है कि विजय को अब तक अपनी पार्टी के 107 विधायकों के अलावा कांग्रेस के केवल 5 विधायकों का समर्थन मिला है। यानी कुल 112 विधायकों का समर्थन पत्र ही उनके पास पहुंच पाया है, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 विधायकों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में गवर्नर को बहुमत का दावा पेश नहीं किए जाने के कारण शपथ ग्रहण फिलहाल टल गया है।

गवर्नर ने मांगा बहुमत का समर्थन पत्र

सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु के अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे गवर्नर विश्वनाथ आर्लेकर ने TVK नेतृत्व से स्पष्ट कहा है कि सामान्य बहुमत के लिए जरूरी 118 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपने के बाद ही सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

गौरतलब है कि विश्वनाथ आर्लेकर फिलहाल केरल के गवर्नर भी हैं और तमिलनाडु का अतिरिक्त प्रभार उनके पास है। जानकारी के अनुसार, गवर्नर आज केरल रवाना हो रहे हैं। इस बीच राजनीतिक असमंजस बढ़ने के बाद सरकार की ओर से विजय को दी गई कॉन्वॉय सुरक्षा भी वापस ले ली गई है।

AIADMK को टूट का डर, विधायकों को रिसोर्ट भेजा गया

राजनीतिक घटनाक्रम के बीच AIADMK ने भी बड़ा कदम उठाया है। खबर है कि पार्टी ने अपने विधायकों को देर रात पुडुचेरी के एक रिसोर्ट में भेज दिया है। माना जा रहा है कि AIADMK नेतृत्व को आशंका है कि उसके कुछ विधायक टूटकर TVK को समर्थन दे सकते हैं।

उधर, TVK लगातार अन्य दलों से समर्थन जुटाने की कोशिश में लगी हुई है। पार्टी की बातचीत VCK, PMK और वाम दलों के साथ जारी बताई जा रही है, हालांकि अब तक किसी भी दल की ओर से औपचारिक समर्थन पत्र नहीं दिया गया है।

कांग्रेस ने गवर्नर के रुख पर उठाए सवाल

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस ने गवर्नर के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि संवैधानिक परंपरा के तहत सबसे बड़ी पार्टी के नेता को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने का अवसर दिया जाना चाहिए। पार्टी ने आरोप लगाया कि बहुमत के समर्थन पत्र की शर्त रखकर विजय को परेशान करने की कोशिश की जा रही है।

गवर्नर के इस रुख के बाद TVK ने कानूनी सलाह लेने का फैसला किया है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस मुद्दे पर कानून विशेषज्ञों से राय लेने की तैयारी में है।

TVK ने सभी विधायकों की बुलाई बैठक

बदलते राजनीतिक हालात के बीच TVK ने अपने सभी विधायकों को आज सुबह 11 बजे पनयूर स्थित पार्टी मुख्यालय में बुलाया है। जानकारी के मुताबिक, पार्टी नेता बी आनंद विधायकों को मौजूदा स्थिति और आगे की रणनीति को लेकर जानकारी देंगे।

इस बीच TVK ने दलित पार्टी VCK के प्रमुख थिरुमावलवन को पत्र लिखकर समर्थन देने की अपील भी की है। वहीं VCK महासचिव सिंथनाई सेल्वन ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अगर थिरुमावलवन को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया जाए, तो तमिलनाडु की द्रविड़ पार्टियां एकजुट हो सकती हैं।

उधर, DMK की विधायक दल की बैठक भी आज होने जा रही है, जिसमें नेता प्रतिपक्ष और पार्टी की आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

 

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