रक्षाबंधन से पहले खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन, 100 किलो रसगुल्ले कराए नष्ट; पनीर, खोया और घेवर समेत 7 नमूने जांच को भेजे
गौतमबुद्धनगर: रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए गौतमबुद्धनगर में मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तर प्रदेश और जिलाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों की टीमें दूध और दूध से बने उत्पादों की गुणवत्ता की जांच कर रही हैं। इसी अभियान के तहत अलग-अलग स्थानों से खाद्य पदार्थों के कुल सात नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए।
जेवर टोल प्लाजा पर पनीर के तीन नमूने लिए
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय सर्वेश मिश्रा ने बताया कि 23 अगस्त की रात खाद्य सुरक्षा अधिकारी ओपी सिंह और रविन्द्र नाथ वर्मा की टीम ने जेवर टोल प्लाजा पर जांच की। इस दौरान चौधरी डेयरी, पिसावा जलालपुर, अलीगढ़ से दिल्ली आपूर्ति के लिए इको गाड़ी संख्या UP 16 MT 2839 से ले जाए जा रहे पनीर का एक नमूना लिया गया।
इसी तरह बाजना, मथुरा की भीमसेन डेयरी से गाड़ी संख्या UP 85 FT 1028 के जरिए दिल्ली-एनसीआर में आपूर्ति के लिए ले जाए जा रहे पनीर के दो नमूने भी संग्रहित किए गए।
बीकानेर स्वीट्स और शगुन स्वीट्स से भी नमूने
24 अगस्त को अमर बहादुर सरोज की टीम ने सेक्टर 134 स्थित बीएस बीकानेर स्वीट्स से घेवर का एक नमूना लिया। वहीं खाद्य सुरक्षा अधिकारी मुकेश कुमार और विजय बहादुर पटेल की टीम ने इकोटेक-2 स्थित प्लॉट नंबर 66 की शगुन स्वीट्स निर्माणशाला से खोया और घेवर के एक-एक नमूने लिए।
100 किलो रसगुल्ले में दिखे मक्खी-मच्छर, कराया गया नष्ट
खाद्य सुरक्षा अधिकारी विशाल गुप्ता और रितु सक्सेना की टीम ने सरफाबाद, सेक्टर 72 नोएडा स्थित प्रदीप कुमार की रसगुल्ला निर्माणशाला में जांच की। यहां से रसगुल्ले का एक नमूना लिया गया। जांच के दौरान शेष लगभग 100 किलोग्राम रसगुल्ले प्रदूषित अवस्था में पाए गए और उनमें मक्खी-मच्छर भी पड़े हुए थे। इसके बाद करीब 100 किलो रसगुल्ले नष्ट करा दिए गए।
इस तरह अभियान के दौरान कुल सात खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों की जांच की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।
रक्षाबंधन तक जारी रहेगा जांच अभियान
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय ने बताया कि आगे भी इसी तरह जांच अभियान चलाया जाएगा और खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य जनपदवासियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप शुद्ध और सुरक्षित खाद्य एवं पेय पदार्थ उपलब्ध कराना है।