ईरान के नए प्रस्ताव पर ट्रंप ने नरम किया रुख, लेकिन परमाणु समझौते पर बना बड़ा गतिरोध; युद्ध खत्म करने की कोशिशों में फंसा पेच

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ईरान-अमेरिका संघर्ष को खत्म करने की कोशिशों के बीच तेहरान की ओर से आए नए प्रस्ताव ने अंतरराष्ट्रीय हलचल बढ़ा दी है। इस बार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रुख में नरमी जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच अभी भी बड़ा गतिरोध बना हुआ है।

ट्रंप प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि ईरान के उस प्रस्ताव को स्वीकार करना मुश्किल होगा, जिसमें अमेरिका से नाकेबंदी हटाने और परमाणु वार्ता को फिलहाल टालने की मांग की गई है। इसके बदले ईरान ने युद्ध समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने की बात कही है।

परमाणु मुद्दे पर टकराव बना मुख्य बाधा

ईरान के प्रस्ताव में परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को स्थगित करने की बात शामिल है, लेकिन अमेरिका ने इसे साफ तौर पर अस्वीकार कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि किसी भी समझौते का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होगा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार बनाने की दिशा में आगे न बढ़ सके।

व्हाइट हाउस के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की है, और ट्रंप स्वयं इस पर बाद में सार्वजनिक बयान दे सकते हैं।

रुबियो ने साफ किया अमेरिका का रुख

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियारों से रोकना सबसे अहम मुद्दा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान में मौजूदा नेतृत्व बना रहा, तो वह भविष्य में परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश जरूर करेगा।

रुबियो ने कहा कि अमेरिका किसी भी ऐसे समझौते को स्वीकार नहीं करेगा, जो ईरान को समय लेकर अपनी परमाणु क्षमता बढ़ाने का अवसर दे।

रूस यात्रा के दौरान आया ईरान का प्रस्ताव

यह नया प्रस्ताव उस समय सामने आया जब ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस की यात्रा पर थे। रूस को लंबे समय से ईरान का प्रमुख सहयोगी माना जाता है, हालांकि इस प्रस्ताव पर मॉस्को की भूमिका को लेकर अभी स्पष्ट स्थिति नहीं है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, संघर्ष के दौरान क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है और हजारों लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।

परमाणु हथियार ही सबसे बड़ा मुद्दा

अमेरिका का मानना है कि ईरान के साथ किसी भी बातचीत का केंद्र केवल परमाणु हथियारों को रोकना होना चाहिए। विदेश मंत्री रुबियो ने कहा कि ईरान वार्ता को लंबा खींचने की कोशिश कर रहा है, लेकिन अमेरिका इसे स्वीकार नहीं करेगा।

उन्होंने साफ कहा कि किसी भी समझौते में यह गारंटी होनी चाहिए कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार विकसित नहीं कर पाएगा।

तनाव के बीच बातचीत की कोशिशें जारी

हालांकि दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी बरकरार है, लेकिन कूटनीतिक स्तर पर बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि परमाणु मुद्दे पर सहमति बने बिना इस संघर्ष का समाधान मुश्किल दिखाई देता है।

 

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