ईरान पर ट्रंप का बड़ा दावा, बोले- ओबामा जैसा नहीं होगा हमारा समझौता

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वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने साफ कहा कि यदि उनकी सरकार ईरान के साथ कोई डील करती है तो वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कार्यकाल में हुए समझौते जैसी नहीं होगी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और समझौते को लेकर जल्दबाजी नहीं की जाएगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट साझा करते हुए ओबामा प्रशासन के दौरान हुए ईरान परमाणु समझौते पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी संभावित डील पूरी तरह अलग और ज्यादा मजबूत होगी।

ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने अपने पोस्ट में लिखा कि अगर वह ईरान के साथ कोई समझौता करते हैं तो वह “अच्छा और उचित” समझौता होगा, न कि वैसा जैसा ओबामा प्रशासन ने किया था। उन्होंने कहा कि उनकी योजना पहले हुए समझौते से बिल्कुल अलग है और फिलहाल इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिए कि दोनों देशों के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका इस प्रक्रिया में किसी तरह की जल्दबाजी नहीं करना चाहता।

‘बिना जल्दबाजी के आगे बढ़ रही बातचीत’

ट्रंप के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता बेहद व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से जारी है। उन्होंने अपने वार्ताकारों को निर्देश दिया है कि समझौते को अंतिम रूप देने में किसी प्रकार की हड़बड़ी न दिखाई जाए।

ट्रंप ने कहा कि दोनों पक्षों को पर्याप्त समय लेना चाहिए ताकि किसी भी तरह की गलती से बचा जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियां अमेरिका के पक्ष में हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर दबाव जारी रहेगा

ईरान पर दबाव बनाए रखने को लेकर भी ट्रंप ने बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी तब तक पूरी तरह लागू रहेगी, जब तक दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बन जाती और औपचारिक हस्ताक्षर नहीं हो जाते।

इस बयान को ईरान पर दबाव बनाए रखने की अमेरिकी रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

अब्राहम समझौते में शामिल होने का दिया न्योता

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अब्राहम समझौते में शामिल होने का न्योता भी दिया। यह समझौता इजराइल और कई अरब देशों के बीच राजनयिक और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने के लिए किया गया था।

ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के संबंध अब पहले की तुलना में अधिक पेशेवर और सकारात्मक हो रहे हैं। हालांकि उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने या खरीदने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उन्होंने यह भी कहा कि संभव है भविष्य में ईरान भी अब्राहम समझौते में शामिल होने पर विचार करे।

 

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