Tech Mahindra Layoff Rumours: 15 से 30 हजार कर्मचारियों की छंटनी की चर्चा पर कंपनी ने तोड़ी चुप्पी, कहा—ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं
आईटी सेक्टर की प्रमुख कंपनी टेक महिंद्रा ने कर्मचारियों की बड़े पैमाने पर छंटनी से जुड़ी चर्चाओं पर साफ-साफ प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने सोशल मीडिया और बाजार में फैल रही उन अफवाहों को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि हजारों कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है। कंपनी का कहना है कि कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
सोशल मीडिया पर फैली थी बड़े पैमाने पर कटौती की चर्चा
कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण में बताया गया कि हाल के दिनों में उन्हें कई फोन कॉल्स प्राप्त हुए और सोशल मीडिया पर ऐसी पोस्ट्स सामने आईं, जिनमें कर्मचारियों की संख्या में बड़ी कमी किए जाने की बात कही जा रही थी। इन चर्चाओं को देखते हुए कंपनी ने स्वयं ही स्टॉक एक्सचेंज को स्पष्टीकरण देना जरूरी समझा।
कंपनी ने अपने बयान में कहा कि बाजार में फैल रही इन अफवाहों के संबंध में स्पष्ट किया जाता है कि कर्मचारियों की संख्या में बड़े पैमाने पर कटौती करने से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है। कंपनी ने ऐसी सभी चर्चाओं और अटकलों को पूरी तरह निराधार बताया है।
नियमों के पालन का भी दिया भरोसा
कंपनी ने यह भी दोहराया कि वह बाजार नियामक सेबी के लिस्टिंग नियमों के तहत सभी आवश्यक खुलासों का पूरी तरह पालन करती रही है और आगे भी इसी तरह पारदर्शिता बनाए रखेगी।
दरअसल, हाल के दिनों में आईटी क्षेत्र में संभावित छंटनी की खबरें और चर्चाएं तेज हो गई थीं। सोशल मीडिया और कर्मचारियों के विभिन्न समूहों में यह दावा किया जा रहा था कि कंपनी 15 हजार से 30 हजार कर्मचारियों तक की संख्या में कटौती कर सकती है। इन चर्चाओं के चलते कर्मचारियों, निवेशकों और शेयरधारकों के बीच चिंता का माहौल बन गया था।
कंपनी ने बताया अफवाह, कर्मचारियों को किया आश्वस्त
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऐसी किसी भी प्रकार की योजना मौजूद नहीं है। कंपनी ने सभी संबंधित पक्षों को आश्वस्त करते हुए कहा है कि बाजार में चल रही इस तरह की अफवाहों पर भरोसा न किया जाए।
यह स्पष्टीकरण 9 मार्च 2026 को सामने आया है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि बाजार की परिस्थितियां और नीतियां समय के साथ बदल सकती हैं, इसलिए किसी भी नई जानकारी के लिए आधिकारिक घोषणाओं और विश्वसनीय स्रोतों पर ही भरोसा किया जाना चाहिए।