लखनऊ। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ को बड़ी सौगात देते हुए ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण को जनता को समर्पित कर दिया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और लखनऊ की प्रथम नागरिक सुषमा खर्कवाल भी मौजूद रहीं। राजधानी की महत्वाकांक्षी ग्रीन कॉरिडोर परियोजना गोमती नदी के किनारे विकसित की जा रही है, जिसे शहर की लाइफ लाइन माना जा रहा है।
ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण के तहत गोमती नगर के समतामूलक चौराहा से निशातगंज पुल चौराहा, वहां से हनुमान सेतु, फिर डालीगंज होते हुए पक्का पुल तक सड़क का विकास किया गया है। इस परियोजना का पहला चरण सात किलोमीटर लंबा था, जबकि दूसरा चरण लगभग चार किलोमीटर का है।
28 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर से शहर को मिलेगी नई रफ्तार
लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से आईआईएम रोड से किसान पथ तक करीब 28 किलोमीटर लंबे ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण कराया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से शहर के यातायात और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
दूसरे चरण में समतामूलक चौराहे से निशातगंज के बीच लगभग 130 करोड़ रुपये की लागत से कई अहम विकास कार्य कराए गए हैं। इसमें कुकरैल नदी पर 240 मीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा छह लेन का पुल करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसके अलावा कुकरैल से निशातगंज के बीच करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से 1.10 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा बंधा तथा सड़क निर्माण का कार्य भी पूरा किया गया है।
सड़क चौड़ी होने से ट्रैफिक व्यवस्था होगी बेहतर
ग्रीन कॉरिडोर के तहत हनुमान सेतु से गोमती पुल निशातगंज मार्ग तक सड़क की चौड़ाई 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर कर दी गई है। सड़क चौड़ी होने से निशातगंज और कुकरैल चौराहे पर यातायात का दबाव कम होगा और लोगों को आने-जाने में काफी सुविधा मिलेगी।
इस परियोजना के पूरा होने से नए और पुराने लखनऊ के बीच की दूरी भी काफी हद तक कम हो जाएगी। कॉरिडोर के किनारे हार्टिकल्चर और सुंदरीकरण के कार्य भी कराए गए हैं, जिससे क्षेत्र का सौंदर्य भी बढ़ा है।
आगे भी जारी रहेगा निर्माण कार्य
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के तीसरे और चौथे चरण का कार्य भी आगे जारी रहेगा। अधिकारियों के अनुसार आने वाले समय में यह कॉरिडोर शहर की यातायात व्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के चार चरण
पहला चरण: आईआईएम रोड से पक्का पुल तक, यह कार्य पूरा हो चुका है।
दूसरा चरण: पक्का पुल से पिपराघाट तक, यह चरण भी पूरा कर लिया गया है।
तीसरा चरण: पिपराघाट से शहीद पथ तक, इस चरण को मंजूरी मिल चुकी है।
चौथा चरण: शहीद पथ से किसान पथ तक, इस हिस्से की तैयारियां जारी हैं।