‘धुरंधर: द रिवेंज’ को ब्लॉकबस्टर बनाने की बड़ी तैयारी, हॉलीवुड की इस खास रणनीति पर दांव

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मुंबई। इन दिनों भारतीय सिनेमा में जिस फिल्म की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह है ‘धुरंधर: द रिवेंज’। निर्देशक आदित्य धर की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म को लेकर दर्शकों और फिल्म उद्योग में जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है। पहले भाग की शानदार सफलता के बाद अब इसके दूसरे भाग से बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड बनने की उम्मीद जताई जा रही है। फिल्म कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीक्वल केवल कहानी का विस्तार नहीं, बल्कि पूरे कथानक को निर्णायक क्लाइमेक्स तक पहुंचाने वाला बड़ा अध्याय साबित हो सकता है।

कहानी के केंद्र में किरदार नहीं, पूरा कथानक

फिल्म को लेकर चर्चाओं के बीच फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा ने भी दिलचस्प टिप्पणी की है। उनका कहना है कि अगर ‘धुरंधर’ को महाभारत माना जाए, तो ‘धुरंधर: द रिवेंज’ कुरुक्षेत्र की तरह होगा, जहां कहानी अपने चरम पर पहुंचेगी और कई किरदारों की यात्रा का अंत भी हो सकता है। पहले भाग की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उसमें किसी एक पात्र को बाकी किरदारों से ऊपर नहीं दिखाया गया। कहानी का केंद्र पूरा कथानक रहा, न कि किसी एक नायक की छवि। बड़े व्यावसायिक सिनेमा में पिछले एक दशक से जो फॉर्मूला अपनाया जाता रहा है, उससे यह तरीका बिल्कुल अलग माना जा रहा है।

रिलीज से पहले ही बना दी गई उत्सुकता

फिल्म की रणनीति की सबसे खास बात यह रही कि पहले भाग के अंत में ही इसके दूसरे हिस्से की रिलीज डेट की घोषणा कर दी गई थी। इस वजह से दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार बनी रही। साथ ही 13 मार्च को पहले भाग को दोबारा सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने का फैसला भी लिया गया है, जिससे दर्शकों को कहानी से दोबारा जुड़ने का मौका मिलेगा और दूसरे भाग को मजबूत ओपनिंग मिलने की संभावना बढ़ गई है।

फिल्म वितरक समीर दीक्षित का कहना है कि आम तौर पर किसी फिल्म का अगला भाग काफी समय बाद आता है, जिससे दर्शकों के मन में पहले भाग की याद धुंधली पड़ जाती है। लेकिन यहां निर्माताओं ने शुरुआत से ही दूसरे भाग की तारीख तय कर दी, जिससे उत्सुकता लगातार बनी रही।

हॉलीवुड की परंपरा ‘पेड प्रीव्यू’ पर भी दांव

फिल्म के प्रचार और व्यावसायिक रणनीति में पेड प्रीव्यू को भी अहम हिस्सा बनाया गया है। इस मॉडल में दर्शक थोड़ी ज्यादा कीमत की टिकट लेकर आधिकारिक रिलीज से एक दिन पहले फिल्म देख सकते हैं। यह परंपरा मूल रूप से हॉलीवुड में प्रचलित रही है, जिसे अब भारतीय फिल्म उद्योग भी तेजी से अपना रहा है।

फिल्म वितरक और मल्टीप्लेक्स मालिक राज बंसल के अनुसार, यदि बुकिंग का मौजूदा रुझान जारी रहा तो केवल पेड प्रीव्यू से ही फिल्म लगभग 30 से 35 करोड़ रुपये तक की कमाई कर सकती है। किसी भी फिल्म के लिए यह बेहद मजबूत शुरुआत मानी जाती है। लगभग चार घंटे लंबी इस फिल्म की अवधि भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

फिल्मों का टकराव टलना रहा फायदेमंद

कन्नड़ अभिनेता यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ पहले 19 मार्च को रिलीज होने वाली थी, लेकिन बाद में इसकी रिलीज डेट आगे बढ़ाकर चार जून कर दी गई। फिल्म कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों फिल्मों के बीच सीधा टकराव होता तो नुकसान अधिक होने की संभावना ‘टॉक्सिक’ को रहती, क्योंकि ‘धुरंधर’ की लोकप्रियता पहले भाग के बाद काफी मजबूत हो चुकी है।

फिल्म निर्माता और ट्रेड विशेषज्ञ गिरीश जौहर का मानना है कि पेड प्रीव्यू का फैसला ही इस बात का संकेत है कि निर्माता अपनी फिल्म को लेकर बेहद आत्मविश्वास में हैं। बड़े बजट और बड़े पैमाने की फिल्मों के समय दूसरी फिल्मों का अपनी रिलीज डेट बदलना सामान्य व्यावसायिक रणनीति मानी जाती है, जैसा कि पहले भी कई बड़ी फिल्मों के दौरान देखा जा चुका है।

 

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