मणिपुर में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई: दिल्ली पुलिस के इनपुट पर 2 उग्रवादी गिरफ्तार, घुसपैठ की कोशिश नाकाम
नई दिल्ली: मणिपुर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस से मिले सटीक इनपुट के आधार पर चलाए गए सर्च ऑपरेशन में दो उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनसे पूछताछ जारी है।
इनपुट के आधार पर चला सर्च ऑपरेशन
मामले में कार्रवाई दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (साउदर्न ब्रांच) से मिले इनपुट और स्थानीय सूत्रों की जानकारी के आधार पर की गई। इनपुट में संकेत मिले थे कि यांगौबुंग गांव के इलाके से VBIG संगठन के दो कैडर भारत में घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं। इसके बाद सुरक्षा बलों ने सतर्कता बढ़ाते हुए सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
सीमा क्षेत्र में दबिश, दोनों कैडर गिरफ्तार
तलाशी अभियान के दौरान तेंगनौपाल जिले के मोरेह थाना क्षेत्र में बीपी 72-73 के पास यांगौबुंग गांव के नजदीक कार्रवाई की गई। इसी दौरान सुरक्षा बलों ने VBIG के दोनों संदिग्ध कैडर को पकड़ लिया। समय रहते कार्रवाई से संभावित घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उजागर
गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान थोकचोम इंगोचा सिंह उर्फ केबी (31 वर्ष), निवासी खांगाबोक मयाई लेइकाई, थोउबल जिला और थोकचोम रघुनाथ मेइती उर्फ बिरजीत (48 वर्ष), निवासी काकचिंग निंगथौ लेइकाई, काकचिंग जिला के रूप में हुई है। दोनों का संबंध KYKL से बताया जा रहा है।
कानूनी कार्रवाई शुरू, जांच जारी
गिरफ्तार कैडरों को 5 अप्रैल 2026 को सुरक्षित रूप से थोउबल जिले के खोंगजोम पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां पहले जीरो एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद मामले को आगे बढ़ाते हुए मोरेह पुलिस स्टेशन में नियमित एफआईआर दर्ज कर ली गई है। फिलहाल पूरे नेटवर्क और संभावित लिंक की जांच जारी है।
मणिपुर में उग्रवाद अब भी बड़ी चुनौती
मणिपुर में उग्रवाद अब जातीय संघर्ष का रूप ले चुका है, जो पारंपरिक अलगाववादी गतिविधियों से अलग और अधिक जटिल हो गया है। मई 2023 से जारी इस हिंसा में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए हैं। हालात इतने बिगड़े कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करना पड़ा। हालांकि नया नेतृत्व आने के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो सकी है।
शांति की कोशिशें जारी, लेकिन हालात नाजुक
राज्य में शांति बहाली के प्रयास लगातार जारी हैं, लेकिन स्थिति अब भी संवेदनशील बनी हुई है। फिलहाल हालात पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं, हालांकि बड़े स्तर के संघर्ष जैसी स्थिति भी नहीं है।