जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में विधिक सहायता व्यवस्थाओं का निरीक्षण, महिला बंदियों के लिए जागरूकता शिविर आयोजित

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गौतमबुद्धनगर: उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश एवं जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गौतमबुद्धनगर के मार्गदर्शन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शिवानी रावत ने गुरुवार को जिला कारागार गौतमबुद्धनगर का निरीक्षण किया। इस दौरान कारागार में संचालित लीगल एड क्लीनिक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और महिला बंदियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन भी किया गया। निरीक्षण के समय जेल अधीक्षक ब्रजेश कुमार और उप जेलर सुरजीत सिंह मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जानकारी दी गई कि वर्तमान में जिला कारागार गौतमबुद्धनगर में कुल 2432 बंदी निरुद्ध हैं। सचिव शिवानी रावत ने महिला बैरक का दौरा कर वहां मौजूद महिला बंदियों से उनके मुकदमों की स्थिति के बारे में जानकारी ली। साथ ही मुकदमों से संबंधित कार्डों का भी अवलोकन किया गया।

महिला बंदियों को दी गई निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी

विधिक साक्षरता शिविर के दौरान महिला बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता, उपलब्ध अधिवक्ताओं और न्यायिक प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी दी गई। बंदियों को बताया गया कि जरूरतमंद व्यक्तियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से निशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराए जाते हैं।

पूछताछ के दौरान महिला बंदियों ने बताया कि सभी को निजी अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अधिवक्ता उपलब्ध कराए गए हैं। इस पर सचिव ने जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि बंदियों के मुकदमों से संबंधित कार्डों पर अधिवक्ताओं के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज किए जाएं, ताकि रिकॉर्ड व्यवस्थित और पारदर्शी बना रहे।

महिला बैरक की साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को बेहतर करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान महिला बैरक में साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया। सचिव शिवानी रावत ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि महिला बंदियों के लिए व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए तथा स्वच्छता संबंधी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।

विधिक सहायता केंद्र की कार्यप्रणाली की भी हुई समीक्षा

जिला कारागार में संचालित विधिक सहायता केंद्र का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान बंदी पीएलवी द्वारा अन्य बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही विधिक सहायता सेवाओं की समीक्षा की गई। साथ ही रजिस्टर और अभिलेखों के रखरखाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

सचिव ने जेल प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी बंदियों को समयबद्ध तरीके से विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाए और कारागार में कोई भी बंदी ऐसा न रहे जिसके पास अधिवक्ता की सुविधा उपलब्ध न हो।

मुलाकाती स्थल पर जल्द शुरू होगी हेल्प डेस्क सुविधा

उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त निर्देशों के तहत जिला कारागार में बंदियों और उनके परिजनों की सहायता के लिए मुलाकाती स्थल पर जल्द ही हेल्प डेस्क शुरू की जाएगी। इस हेल्प डेस्क के माध्यम से बंदियों के परिजन विधिक सलाह और विभिन्न कानूनी सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

 

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