नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए आज से बड़ा बदलाव लागू हो गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश के अनुसार अब टोल प्लाजा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। फास्टैग को प्राथमिक और अनिवार्य भुगतान माध्यम बना दिया गया है।
नकद भुगतान पूरी तरह बंद, फास्टैग से ही होगा टोल भुगतान
नए नियमों के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों के सभी टोल बूथों पर अब नकद स्वीकार नहीं किया जाएगा। वाहन चालकों को टोल भुगतान केवल फास्टैग के माध्यम से करना होगा। यह व्यवस्था टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों को कम करने और यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से लागू की गई है।
फास्टैग न होने पर यूपीआई से भुगतान, लेकिन देना होगा अतिरिक्त शुल्क
अधिसूचना के अनुसार, यदि कोई वाहन बिना वैध फास्टैग के टोल प्लाजा में प्रवेश करता है तो वह यूपीआई के जरिए भुगतान कर सकता है। हालांकि ऐसे मामलों में सामान्य टोल शुल्क का 1.25 गुना भुगतान करना होगा, जिससे बिना फास्टैग यात्रा करना महंगा पड़ जाएगा।
मंत्रालय का उद्देश्य: भीड़ कम करना और यात्रा को आसान बनाना
सड़क परिवहन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों के अनुसार इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य टोल प्लाजा पर भीड़ कम करना और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना है। इससे राजमार्गों पर यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।
फास्टैग ही रहेगा प्राथमिक माध्यम
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फास्टैग टोल वसूली का मुख्य माध्यम बना रहेगा, जबकि यूपीआई केवल वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में काम करेगा। बिना फास्टैग के आने वाले वाहनों को अतिरिक्त शुल्क देकर ही टोल पार करना होगा।