“वोट नहीं दिया तो नाम कट जाएगा” अफवाह से मचा हड़कंप, पश्चिम बंगाल लौटने की होड़ में मजदूर, ट्रेनों और स्टेशनों पर भारी भीड़

0 30

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच एक अफवाह ने बड़े पैमाने पर लोगों के बीच घबराहट पैदा कर दी है। दावा किया जा रहा है कि मतदान नहीं करने पर मतदाता सूची से नाम काट दिया जाएगा। इसी डर के चलते देश के अलग-अलग शहरों में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर लौट रहे हैं। हालात यह हैं कि दिल्ली, मुंबई, केरल, चेन्नई और सूरत जैसे शहरों के रेलवे स्टेशनों पर बंगाल जाने वाले यात्रियों की भीड़ अचानक बढ़ गई है और ट्रेनों में खचाखच भीड़ देखने को मिल रही है।

मालदा-मुर्शिदाबाद में बढ़ी वापसी, मुस्लिम बहुल इलाकों में ज्यादा असर
जानकारी के मुताबिक, सबसे ज्यादा लोग मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों की ओर लौट रहे हैं, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। बताया जा रहा है कि परिवार और रिश्तेदार फोन कर लोगों को वोट डालने के लिए बुला रहे हैं और यह आशंका जता रहे हैं कि अगर मतदान नहीं किया तो नाम वोटर लिस्ट से हट सकता है। इसी वजह से ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ को लेकर लोगों में जबरदस्त पैनिक देखा जा रहा है।

बड़े शहरों में पलायन जैसे हालात
दिल्ली और मुंबई समेत कई महानगरों में स्थिति ऐसी बन गई है मानो पलायन हो रहा हो। रेलवे स्टेशनों पर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और हर कोई जल्द से जल्द अपने गृह राज्य पहुंचना चाहता है। यात्रियों का कहना है कि वे किसी भी हाल में इस बार वोट डालना चाहते हैं ताकि उनका नाम मतदाता सूची में बना रहे।

दिल्ली-मुंबई में ट्रेनों पर दबाव, घंटों पहले लग रही लाइनें
दिल्ली से बंगाल जाने वाली ट्रेनों में भारी भीड़ है, जबकि मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनस पर रात की ट्रेनों के लिए लोग दोपहर से ही लाइन लगाना शुरू कर दे रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि वोट न देने पर भविष्य में सरकारी दस्तावेजों पर असर पड़ सकता है, जिससे आधार, राशन कार्ड और बैंकिंग सुविधाओं पर भी असर पड़ने का डर है।

सोशल मीडिया और फोन कॉल से फैली आशंका
कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें वोटर लिस्ट से नाम कटने की जानकारी इंटरनेट, व्हाट्सएप और गांव से आने वाले फोन कॉल के जरिए मिली। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि उनके परिवार या परिचितों का नाम पहले ही सूची से हट चुका है, जिससे डर और बढ़ गया है।

सूरत स्टेशन पर बेकाबू भीड़, पुलिस को करना पड़ा बल प्रयोग
सूरत के उधना रेलवे स्टेशन पर 19 अप्रैल को भारी भीड़ उमड़ने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कुछ लोग बैरिकेड पार कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे थे, जिससे भगदड़ का खतरा पैदा हो गया था। बाद में करीब 21,000 यात्रियों को ट्रेनों के जरिए रवाना किया गया और अतिरिक्त स्पेशल ट्रेन भी चलाई गई।

विदेशों से भी लौटे मतदाता
सिर्फ देश के भीतर ही नहीं, बल्कि विदेशों में रह रहे बंगाली भी मतदान के लिए लौट रहे हैं। अमेरिका, बेल्जियम और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों से आए मतदाताओं का कहना है कि वे राज्य के भविष्य को ध्यान में रखते हुए वोट डालने पहुंचे हैं। कई लोगों ने बदलाव की जरूरत पर जोर दिया है।

रेलवे ने बढ़ाई व्यवस्थाएं, भीड़ प्रबंधन पर जोर
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि हर साल इस तरह की भीड़ देखने को मिलती है, खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और झारखंड की ओर जाने वाले यात्रियों के बीच। इस बार भी अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं और स्टेशनों पर सुरक्षा तथा भीड़ प्रबंधन के लिए आरपीएफ और अन्य स्टाफ तैनात किया गया है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.