Aadhaar मोबाइल नंबर अपडेट करना हुआ आसान: अब घर बैठे 5 मिनट में बदलें डिटेल्स, लंबी लाइन से मिलेगी राहत
अगर आपके आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर पुराना हो गया है या अब इस्तेमाल में नहीं है, तो अब उसे अपडेट करना पहले से काफी आसान हो गया है। अब इसके लिए आपको आधार सेंटर जाकर लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने नए mAadhaar App के जरिए यह सुविधा डिजिटल रूप से उपलब्ध करा दी है, जिससे मोबाइल नंबर अपडेट घर बैठे किया जा सकता है।
Step 1: ऐप डाउनलोड कर लॉगिन करना जरूरी
सबसे पहले यूजर को अपने स्मार्टफोन में mAadhaar App डाउनलोड करना होगा, जो एंड्रॉयड और iOS दोनों पर उपलब्ध है। ऐप इंस्टॉल करने के बाद आधार नंबर के जरिए लॉगिन करना होता है। लॉगिन प्रक्रिया में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है, जिसे दर्ज कर वेरिफिकेशन पूरा किया जाता है। कुछ मामलों में फेस ऑथेंटिकेशन जैसे विकल्प भी मिलते हैं, जिससे सुरक्षा और मजबूत हो जाती है।
Step 2: मोबाइल नंबर अपडेट का विकल्प चुनें
लॉगिन के बाद ऐप के होम पेज पर कई सेवाएं दिखाई देती हैं। यहां “मोबाइल नंबर अपडेट” का विकल्प चुनना होता है। इसके बाद आधार नंबर कन्फर्म करके अपडेट प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है। पूरा इंटरफेस सरल रखा गया है ताकि कोई भी आसानी से इसे इस्तेमाल कर सके।
Step 3: नया नंबर दर्ज कर OTP से वेरिफिकेशन
इसके बाद आपको नया मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है, जिसे आप आधार से लिंक करना चाहते हैं। उस नंबर पर एक OTP भेजा जाता है, जिसे डालकर वेरिफिकेशन पूरा किया जाता है। यह स्टेप इसलिए जरूरी है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि नंबर सही व्यक्ति का ही है।
Step 4: रिक्वेस्ट सबमिट और प्रक्रिया पूरी
सभी जानकारी भरने और वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद रिक्वेस्ट सबमिट करनी होती है। कुछ मामलों में इस प्रक्रिया के लिए नाममात्र शुल्क भी लग सकता है। रिक्वेस्ट सबमिट होते ही सिस्टम में अपडेट प्रोसेस शुरू हो जाता है।
Step 5: स्टेटस ट्रैकिंग और अपडेट टाइम
रिक्वेस्ट सबमिट करने के बाद यूजर को एक अपडेट रिक्वेस्ट नंबर (URN) मिलता है, जिससे स्टेटस ट्रैक किया जा सकता है। आमतौर पर यह प्रक्रिया कुछ दिनों में पूरी हो जाती है और अपडेट होने पर SMS के जरिए सूचना मिल जाती है।
गलत जानकारी से बचें, सिर्फ ऑफिशियल ऐप का इस्तेमाल करें
UIDAI ने स्पष्ट किया है कि हमेशा केवल आधिकारिक mAadhaar App या पोर्टल का ही इस्तेमाल करें। गलत जानकारी भरने पर रिक्वेस्ट रिजेक्ट हो सकती है। कुछ मामलों में अभी भी फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए आधार सेंटर जाना जरूरी हो सकता है।
मोबाइल नंबर लिंक न होने से बढ़ सकती हैं मुश्किलें
अगर आधार से मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो OTP आधारित सेवाएं बाधित हो सकती हैं। इससे e-KYC, बैंकिंग सेवाएं, सरकारी योजनाओं का लाभ और डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे DigiLocker और UMANG App का इस्तेमाल प्रभावित हो सकता है। कई जरूरी सेवाओं में OTP अनिवार्य होता है, जो केवल रजिस्टर्ड नंबर पर ही आता है।