अहमदाबाद में बुलडोजर एक्शन: मर्डर केस के आरोपियों पर कड़ा वार, 15 अवैध मकान जमींदोज

0 164

अहमदाबाद में कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। धंधुका इलाके में मर्डर केस से जुड़े आरोपियों के ठिकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिसमें कुल 15 अवैध मकानों को गिरा दिया गया। इस कार्रवाई में हत्या के मुख्य आरोपी रिजवान का घर भी शामिल है। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अपराध और अवैध कब्जे के खिलाफ ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

भारी सुरक्षा के बीच चला बुलडोजर, 15 निर्माण ध्वस्त

प्रशासन ने धंधुका के खाटकीवास इलाके में 4 और धंधुका-बागदोरा हाईवे पर बने 4 अवैध मकानों सहित कुल 15 निर्माणों को गिराया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरे ऑपरेशन को कड़ी निगरानी में अंजाम दिया गया।

बताया जा रहा है कि तीन दिन पहले बाइक ओवरटेक करने को लेकर रिजवान और समीर का धर्मेश मामरा से विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ने धर्मेश पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आईं। हालांकि पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन स्थानीय लोगों में गुस्सा बना हुआ था और वे सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे थे।

नोटिस के बाद भी नहीं हटे अवैध निर्माण

प्रशासन के अनुसार जिन मकानों को गिराया गया, वे सभी अवैध निर्माण थे और उन्हें पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका था। नोटिस के बावजूद निर्माण नहीं हटाने पर यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से अवैध कब्जों को हटाने के लिए की गई है।

एसडीएम स्तर के अधिकारी ने यह भी कहा कि इस कार्रवाई का स्थानीय निकाय चुनाव से कोई संबंध नहीं है। प्रशासन का फोकस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अवैध संपत्तियों को हटाना है। हाल के दिनों में शहर में अवैध कॉलोनियों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की गई थी, जिस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं।

सरकार का सख्त संदेश, विपक्ष पर पलटवार

सरकार की ओर से साफ कहा गया है कि अपराधियों और अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बयान में कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्व अवैध निर्माण कर जमीन पर कब्जा करते हैं और उसका गलत इस्तेमाल करते हैं। जब उनके खिलाफ कार्रवाई होती है तो कुछ राजनीतिक दल इसे मुद्दा बनाने की कोशिश करते हैं।

सरकार का कहना है कि प्रदेश की जनता सच्चाई समझती है और जहां भी जरूरत होगी, ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। किसी भी इलाके को छोड़ा नहीं जाएगा।

राजनीतिक माहौल में कार्रवाई पर बढ़ी चर्चा

स्थानीय निकाय चुनाव के बीच हुई इस कार्रवाई को राजनीतिक नजरिए से भी देखा जा रहा है। जहां विपक्ष इसे निशाना बना रहा है, वहीं सरकार इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी कदम बता रही है। साफ है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

 

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को Like व Twitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.