सोने की तस्करी केस में अभिनेत्री रान्या राव को राहत: हाईकोर्ट की याचिका खारिज के बावजूद COFEPOSA अवधि पूरी होने पर मिली जमानत, एक साल बाद हुई रिहाई
बेंगलुरु। कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री और वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की सौतेली बेटी रान्या राव को सोने की तस्करी मामले में आखिरकार जमानत मिल गई है। बेंगलुरु की विशेष आर्थिक अपराध अदालत ने उन्हें COFEPOSA कानून के तहत एक साल की निवारक हिरासत अवधि पूरी होने के बाद रिहा करने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट से पहले मिली थी निराशा
इससे पहले दिसंबर 2025 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने उनकी मां एच.पी. रोहिणी की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें COFEPOSA के तहत हिरासत को चुनौती दी गई थी। उस समय रान्या राव की रिहाई संभव नहीं हो पाई थी और वह जेल में ही बनी रहीं।
2025 में दुबई से लौटते समय हुई थी गिरफ्तारी
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने रान्या राव को 2 मार्च 2025 को बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रोका था। आरोप था कि उन्होंने जनवरी 2025 से 27 बार दुबई की यात्रा की थी और इसी दौरान सोने की तस्करी नेटवर्क में शामिल रही थीं।
14 किलो सोना और करोड़ों की बरामदगी
जांच के दौरान अधिकारियों ने उनके पास से करीब 14.213 किलोग्राम तस्करी किया गया सोना जब्त किया था। इसके बाद उनके घर से 2 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और आभूषण भी बरामद किए गए थे। आरोप है कि वह वीवीआईपी रूट का इस्तेमाल कर सोने की तस्करी कर रही थीं।
102 करोड़ रुपये की तस्करी का आरोप
मामले में उन पर कुल 102 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की तस्करी में शामिल होने का आरोप है। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा था, जो 2024–2025 के बीच 100 किलो से अधिक सोना भारत में लाने में सक्रिय था।
अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी
इस केस में अमेरिकी नागरिक तरुण कोंडुर राजू और सुनार साहिल सरकारिया को भी गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा था।
डिफॉल्ट बेल के बाद COFEPOSA हिरासत
रान्या राव को मई 2025 में डिफॉल्ट जमानत मिली थी क्योंकि जांच एजेंसी समय पर चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी थी। हालांकि, COFEPOSA (निवारक हिरासत कानून) के तहत उन्हें हिरासत में रखा गया, जिसकी अवधि 22 अप्रैल 2026 को पूरी हो गई। इसी आधार पर अब उन्हें औपचारिक रूप से रिहाई मिली है।