नैसकॉम जीसीसी समिट में छाया उत्तर प्रदेश, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के नए हब के रूप में दुनिया की बड़ी कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
लखनऊ। मुंबई में आयोजित ‘नैसकॉम जीसीसी समिट’ में उत्तर प्रदेश ने देश के तेजी से उभरते ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर हब के तौर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। राज्य सरकार ने निवेश, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक आधारित उद्योगों के लिए विकसित हो रहे इकोसिस्टम को वैश्विक कंपनियों के सामने विस्तार से प्रस्तुत किया। सम्मेलन के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों और निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में संभावनाओं को लेकर गहरी रुचि दिखाई।
समिट में ‘इन्वेस्ट यूपी’ ने नैसकॉम के सहयोग से राज्य की औद्योगिक नीतियों, डिजिटल ढांचे और तकनीकी क्षमताओं को वैश्विक मंच पर पेश किया। कार्यक्रम में बहुराष्ट्रीय कंपनियों, निवेशकों, सीएक्सओ और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
वैश्विक कंपनियों के साथ हुई उच्चस्तरीय चर्चा
सम्मेलन के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों में उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को निवेश और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के लिए अनुकूल गंतव्य के रूप में प्रस्तुत किया। प्रमुख सचिव नियोजन एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन तथा आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स आलोक कुमार की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय राउंडटेबल चर्चा आयोजित की गई।
इस बैठक में अडानी कैपेबिलिटी सेंटर, कैपजेमिनी, इन्फोसिस, इन्फोसिस लाइफ साइंसेस और मैकडॉनल्ड्स समेत कई वैश्विक कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। चर्चा के दौरान उत्तर प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने और विस्तार की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
इन्वेस्ट यूपी की टीम ने पेश किया विकास मॉडल
कार्यक्रम में इन्वेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विजय किरण आनंद, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रेरणा शर्मा और यूपीसीडा की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीक्षा जैन भी मौजूद रहीं। अधिकारियों ने राज्य की निवेश अनुकूल नीतियों और तेजी से विकसित हो रहे तकनीकी ढांचे की जानकारी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को दी।
आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों की भूमिका पर जोर
“द जीसीसी स्ट्रेटेजी प्ले: हाउ स्टेट्स आर कम्पीटिंग टू विन ग्लोबल मैंडेट्स” विषय पर आयोजित फायरसाइड चैट में आलोक कुमार ने उत्तर प्रदेश के शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों की ताकत को प्रमुखता से रखा। उन्होंने आईआईटी कानपुर, आईआईटी बीएचयू और आईआईएम लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की भूमिका को राज्य के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम की बड़ी ताकत बताया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एआई और ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यह सेक्टर निवेशकों के लिए बड़े अवसर लेकर आएंगे।
यूपी जीसीसी नीति 2024 बनी आकर्षण का केंद्र
सम्मेलन में उत्तर प्रदेश जीसीसी नीति 2024 खास आकर्षण का केंद्र रही। इस नीति का उद्देश्य राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर की स्थापना और विस्तार को आसान बनाना है। सरकार का फोकस ऐसा वातावरण तैयार करने पर है, जहां वैश्विक कंपनियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कुशल मानव संसाधन और निवेश के लिए अनुकूल माहौल मिल सके।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस नीति के जरिए उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी और ग्लोबल सर्विस हब के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।