भोपाल में नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, पिता ने न्याय की लगाई गुहार

0 29

भोपाल। राजधानी भोपाल के कटारा हिल्स क्षेत्र में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मृतका की पहचान ट्विशा शर्मा के रूप में हुई है, जिनका विवाह 12 दिसंबर 2025 को समार्थ सिंह से हुआ था। दुखद रूप से विवाह के मात्र पांच महीने बाद, 12 मई 2026 को उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई।

मृतका के पिता नवनीधि शर्मा ने प्रशासन और उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि विवाह के बाद से ही उनकी बेटी को ससुराल पक्ष द्वारा मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा था, विशेष रूप से शीघ्र संतान उत्पत्ति को लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

परिवार के अनुसार, एक अनियोजित गर्भधारण के बाद आपसी सहमति और चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर गर्भपात कराया गया था। लेकिन इसके बाद ट्विशा के साथ मानसिक उत्पीड़न और अधिक बढ़ गया।

घटना की रात लगभग 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन कर अपनी मानसिक पीड़ा और प्रताड़ना के बारे में बताया। बातचीत के दौरान अचानक कॉल कट गई, जब उनके पति कमरे में आए। इसके बाद परिवार ने लगातार ट्विशा, उनके पति और सास को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

करीब 10:15 बजे सास ने संक्षिप्त रूप से फोन उठाया, तब परिवार ने तुरंत ट्विशा को देखने और सहायता देने का अनुरोध किया। लगभग 10:20 बजे सूचना दी गई कि ट्विशा “सांस नहीं ले रही हैं।”

बाद में बताया गया कि उन्हें AIIMS भोपाल ले जाया जा रहा है। परिवार का आरोप है कि अस्पताल घर से मात्र 10 मिनट की दूरी पर होने के बावजूद उन्हें लगभग 11:30 बजे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतका के पिता ने इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीर संदेह जताते हुए कहा है कि इसमें चिकित्सा सहायता में देरी, साक्ष्यों से छेड़छाड़ और संभावित आपराधिक साजिश की आशंका है।

उन्होंने यह भी बताया कि मृतका की सास गिरिबाला सिंह एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, जबकि पति समार्थ सिंह एक प्रैक्टिसिंग वकील हैं। परिवार का आरोप है कि प्रभावशाली पृष्ठभूमि के कारण मामले को दबाने की कोशिश की जा सकती है।

नवनीधि शर्मा ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र जांच हो, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच सही तरीके से कराई जाए, घटनास्थल को तुरंत सील किया जाए तथा दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।

इस घटना ने एक बार फिर नवविवाहित महिलाओं की सुरक्षा और घरेलू प्रताड़ना के गंभीर मुद्दे को सामने ला दिया है। अब सभी की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया Vnation के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...
Leave A Reply

Your email address will not be published.