नौका यात्रा के दौरान हादसों पर रोक के लिए गौतमबुद्धनगर प्रशासन सख्त, नाव चालकों और यात्रियों हेतु विस्तृत सुरक्षा एडवाइजरी जारी
लखनऊ: गौतमबुद्धनगर में नौका यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने नाव चालकों और यात्रियों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल यात्रा के दौरान छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए सभी सुरक्षा मानकों का पालन करना बेहद जरूरी है।
जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने मंगलवार 13 मई 2026 को जानकारी देते हुए बताया कि आमजन को सुरक्षित रखने के लिए “क्या करें और क्या न करें” संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। एडवाइजरी का उद्देश्य नाव संचालन के दौरान संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और लोगों में जागरूकता बढ़ाना है।
नौका चालकों के लिए जारी किए गए जरूरी दिशा-निर्देश
आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से नाव चालकों को निर्देश दिया गया है कि वे यात्रा के दौरान लाइफ जैकेट अनिवार्य रूप से साथ रखें और यात्रियों को सुरक्षा संबंधी जानकारी पहले ही दे दें। नाव का नियमित रख-रखाव करने, तैरने वाले सुरक्षा उपकरण रखने और आपदा संकेत से जुड़े उपकरण साथ रखने की भी सलाह दी गई है।
इसके अलावा मौसम की लगातार जानकारी लेते रहने, ज्वलनशील वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने, आसपास चल रही अन्य नावों पर नजर बनाए रखने और संचार उपकरण साथ रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
नाव संचालन के दौरान इन गलतियों से बचने की हिदायत
प्रशासन ने नाव चालकों को चेतावनी दी है कि नाव पर जरूरत से ज्यादा भार न लिया जाए और क्षमता से अधिक यात्रियों को किसी भी स्थिति में न बैठाया जाए। नाव में पशुओं के साथ यात्रियों को बैठाने पर भी रोक लगाने की बात कही गई है।
एडवाइजरी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि नशे की हालत में नाव संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खराब मौसम, तेज हवाओं या प्रतिकूल परिस्थितियों में नाव का इस्तेमाल न करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्रों में नाव ले जाने और तेज रफ्तार में नाव चलाने से भी बचने को कहा गया है।
यात्रियों को भी बरतनी होगी पूरी सतर्कता
जिला प्रशासन ने नौका यात्रियों के लिए भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों से कहा गया है कि वे नाव चालक के निर्देशों का पालन करें और यात्रा के दौरान सभी सुरक्षा नियमों का गंभीरता से अनुपालन करें। घाटों और नाव में स्वच्छता बनाए रखने की भी अपील की गई है।
जल्दबाजी और लापरवाही पड़ सकती है भारी
एडवाइजरी में यात्रियों को चेतावनी दी गई है कि नाव पर चढ़ते और उतरते समय जल्दबाजी न करें। नाव में किसी तरह का झगड़ा या उपद्रव करने से बचें और नाव भरी होने की स्थिति में खड़े होकर अपनी जगह बदलने का प्रयास न करें।
इसके साथ ही प्रतिबंधित क्षेत्रों में जाने से बचने और नाव चलाते समय चालक का ध्यान न भटकाने की सलाह भी दी गई है। प्रशासन ने कहा है कि सभी लोग यदि इन सुरक्षा उपायों का पालन करें तो जल यात्रा को काफी हद तक सुरक्षित बनाया जा सकता है।