ईंधन खत्म, 20 घंटे का ब्लैकआउट और देशभर में अंधेरा… टीवी पर लाइव आकर ऊर्जा मंत्री बोले- अब हमारे हाथ में कुछ नहीं

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हवाना: कैरिबियाई सागर में स्थित क्यूबा इस समय भीषण ऊर्जा संकट से जूझ रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि देश में पेट्रोल, डीजल और फ्यूल ऑयल का स्टॉक पूरी तरह खत्म हो गया है, जिसके चलते पूरे देश में व्यापक ब्लैकआउट की स्थिति बन गई है। राजधानी हवाना समेत कई शहरों में लोग रोजाना 20 से 22 घंटे तक बिजली कटौती झेलने को मजबूर हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

देशभर में अंधेरे ने बढ़ाई मुश्किलें

लगातार हो रही बिजली कटौती ने आम लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ा दी है। अस्पतालों में कामकाज प्रभावित हो रहा है, स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बाधित है और फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं। सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सेवाओं पर भी इसका सीधा असर पड़ा है, जिससे पूरी व्यवस्था चरमराती नजर आ रही है।

कई शहरों में हालात बिगड़ने पर लोग सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है, जबकि कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन की स्थिति भी देखी गई है।

ऊर्जा मंत्री का लाइव बयान, स्वीकारा गंभीर संकट

इस बीच क्यूबा के ऊर्जा मंत्री विसेंटे डे ला ओ लेवी ने टीवी पर लाइव आकर देश की स्थिति को बेहद गंभीर बताया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब देश के पास डीजल और फ्यूल ऑयल का कोई भंडार नहीं बचा है और सरकार के पास स्थिति संभालने के सीमित विकल्प ही बचे हैं। मंत्री ने स्वीकार किया कि मौजूदा हालात में ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह दबाव में है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश का बिजली तंत्र अब केवल स्थानीय कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के सहारे चल रहा है, लेकिन ईंधन की भारी कमी के कारण बिजली संयंत्र अपनी पूरी क्षमता से काम नहीं कर पा रहे हैं।

ऊर्जा संकट के पीछे अंतरराष्ट्रीय दबाव का आरोप

क्यूबा सरकार ने इस गंभीर ऊर्जा संकट के लिए अमेरिका की सख्त आर्थिक और तेल प्रतिबंध नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। सरकार का दावा है कि जनवरी 2026 में अमेरिकी प्रशासन ने उन कंपनियों और जहाजों पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी, जो क्यूबा को तेल आपूर्ति करते हैं, जिसके बाद कई सप्लायर्स ने तेल भेजना कम कर दिया।

इसके अलावा वेनेजुएला से मिलने वाली तेल आपूर्ति भी राजनीतिक बदलावों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते लगभग बंद हो चुकी है, जिससे क्यूबा की ऊर्जा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।

देश में बढ़ता संकट और अनिश्चितता

तेल और ईंधन की कमी ने क्यूबा को गंभीर संकट में डाल दिया है, जहां रोजमर्रा की जिंदगी से लेकर जरूरी सेवाओं तक हर क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। बिजली आपूर्ति ठप होने से देश अंधेरे और अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।

 

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