अमेरिका की मस्जिद में ताबड़तोड़ फायरिंग, 3 लोगों की मौत के बाद हमलावरों ने खुद को भी मारी गोली

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सैन डिएगो: अमेरिका के सैन डिएगो से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक मस्जिद में दो नाबालिग हमलावरों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावरों ने भी खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

मस्जिद में घुसकर बरसाईं गोलियां

जानकारी के मुताबिक सैन डिएगो के इस्लामिक सेंटर में अचानक दो किशोर हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद दोनों हमलावर वहां से थोड़ी दूरी पर गए और खुद को भी गोली मार ली।

पुलिस के अनुसार दोनों हमलावर नाबालिग थे। फिलहाल उनकी पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

‘हेट क्राइम’ के एंगल से जांच

सैन डिएगो पुलिस प्रमुख स्कॉट वाहल ने बताया कि इस हमले की जांच ‘हेट क्राइम’ के तौर पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में नफरत से जुड़ी बातें सामने आई हैं और आने वाले दिनों में घटना से जुड़े कई और तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं।

पुलिस प्रमुख ने कहा कि इस वारदात के पीछे की परिस्थितियों को गंभीरता से खंगाला जा रहा है।

हमलावर की मां ने पहले ही किया था पुलिस को फोन

पुलिस के मुताबिक घटना से पहले ही एक हमलावर की मां ने अधिकारियों से संपर्क किया था। उसने सुबह करीब 9:40 बजे पुलिस को बताया था कि उसका बेटा कई हथियारों और उसकी कार के साथ लापता है।

स्कॉट वाहल ने कहा कि महिला को धीरे-धीरे इस बात का एहसास हो रहा था कि मामला बेहद गंभीर हो सकता है और वह लगातार पुलिस को जानकारी दे रही थी। पुलिस उन जानकारियों को जोड़कर स्थिति समझने की कोशिश कर रही थी ताकि घटना को रोका जा सके।

घर में मिला ‘नफरत भरा नोट’

पुलिस जांच में सामने आया है कि हमलावर घर पर एक नोट छोड़कर गया था। हालांकि अधिकारियों ने नोट की पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की, लेकिन पुलिस प्रमुख ने पुष्टि की कि उसमें “नफरत से जुड़ी बातें” लिखी थीं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस्लामिक सेंटर ऑफ सैन डिएगो को लेकर कोई विशेष धमकी पहले से नहीं दी गई थी।

बताया गया है कि जिस किशोर की मां ने पुलिस को सूचना दी थी, वह मैडिसन हाई स्कूल का छात्र था। यह स्कूल मस्जिद से करीब एक मील की दूरी पर स्थित है।

सुरक्षा गार्ड ने बचाई कई लोगों की जान

फायरिंग में मारे गए लोगों में मस्जिद का एक सुरक्षा गार्ड भी शामिल था। पुलिस का मानना है कि उसकी बहादुरी की वजह से बड़ा नरसंहार टल गया।

स्कॉट वाहल ने कहा कि सुरक्षा गार्ड ने बेहद वीरतापूर्ण भूमिका निभाई और उसकी कार्रवाई ने कई लोगों की जान बचाई। फिलहाल अधिकारी उसकी प्रतिक्रिया और घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा कर रहे हैं।

अमेरिका में फिर बढ़ी सुरक्षा को लेकर चिंता

इस घटना के बाद अमेरिका में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और युवाओं में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति को लेकर फिर बहस तेज हो गई है। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और मामले की गहन जांच जारी है।

 

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