अयोध्या के इस मंदिर में स्त्री वेश धारण कर नृत्य करते हैं पुजारी
अयोध्या : राज बहादुर शरण की दिनचर्या शुरू हो जाती है सुबह 5 बजे से और खत्म होती है भगवान के शयन के बाद। अष्टयाम सेवा यानी आठ प्रहरों के शृंगार, भोग, आरती के बीच उन्हें मुश्किल से बाकी काम के लिए वक्त मिलता है। फिर पिछले करीब दो साल से…
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