PM Kisan Yojana की 23वीं किस्त का इंतजार बढ़ा, करोड़ों किसानों की नजरें जून-जुलाई पर, सरकार ने नहीं की तारीख की घोषणा
नई दिल्ली: देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत और आर्थिक सहारे की सबसे बड़ी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM Kisan Yojana) की 23वीं किस्त का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है। सरकार की इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
अब किसान अगली यानी 23वीं किस्त की तारीख को लेकर उत्सुक हैं और इसके जल्द जारी होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
जून या जुलाई में आ सकती है अगली किस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से योजना की 22वीं किस्त जारी की थी। पिछले वितरण पैटर्न को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि 23वीं किस्त जून या जुलाई 2026 में जारी की जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
हर चार महीने में मिलती है 2000 रुपये की किस्त
पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को हर चार महीने में 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे किसानों को खेती-बाड़ी और घरेलू खर्चों में मदद मिलती है।
e-KYC कराना अनिवार्य, वरना रुक सकती है किस्त
सरकार ने साफ किया है कि अगली किस्त का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी कर ली है। बिना e-KYC के लाभार्थियों के खाते में किस्त ट्रांसफर नहीं की जाएगी। किसान यह प्रक्रिया पीएम किसान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आसानी से पूरी कर सकते हैं, जहां आधार नंबर और OTP के जरिए सत्यापन किया जाता है।
e-KYC के लिए तीन विकल्प उपलब्ध
सरकार ने किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए e-KYC के लिए तीन विकल्प उपलब्ध कराए हैं—OTP आधारित e-KYC, बायोमेट्रिक e-KYC और फेस ऑथेंटिकेशन आधारित e-KYC। यह प्रक्रिया CSC सेंटर, मोबाइल ऐप या पोर्टल के जरिए पूरी की जा सकती है।
लाभार्थी स्थिति ऐसे करें चेक
किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Beneficiary Status’ विकल्प के जरिए अपनी किस्त की स्थिति चेक कर सकते हैं। इसके लिए आधार नंबर या बैंक अकाउंट नंबर दर्ज कर यह पता लगाया जा सकता है कि भुगतान हुआ है या नहीं।
कुल मिलाकर, करोड़ों किसानों की नजर अब सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है, जो अगली किस्त की तारीख तय करेगी।